बीजेपी की यूपी निकाय चुनाव में है ये रणनीति और ये दावा
यहां तक की विधायक का टिकट ना पाने वाले कई बड़े दावेदार भी अब महापौर के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। कमल के फूल सिंबल पर महापौर का चुनाव लड़ने के लिए लोगों के प्रार्थना पत्र स्क्रीनिंग कमेटी को दिए हैं।
इलाहाबाद। भारतीय जनता पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए इलाहाबाद में घमासान मच चुका है, दावेदारों की लाइन लग चुकी है। अपनी पहुंच से लेकर हर वो हथकंडा अपनाया जा रहा है, जिससे टिकट मिल सके। इलाहाबाद का महापौर बनने के लिए सांसद, विधायक और मंत्री के रिश्तेदार भी लाइन में लगे हैं। यहां तक की विधायक का टिकट ना पाने वाले कई बड़े दावेदार भी अब महापौर के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। कमल के फूल सिंबल पर महापौर का चुनाव लड़ने के लिए 51 लोगों के प्रार्थना पत्र स्क्रीनिंग कमेटी को दिए हैं। जबकि 80 वॉर्डों से 1425 लोगों ने पार्षद प्रत्याशी बनने के लिए आवेदन किया है। भाजपा में नगर निकाय चुनाव प्रभारी बनाए गए अशोक धवन, सह प्रभारी शिक्षक विधायक अरुण पाठक, स्थानीय चुनाव प्रभारी नवरत्न कात्याल इस पर माथापच्ची कर रहे हैं और अपनी रिपोर्ट आलाकमान से साझा कर रहे हैं।

दिलचस्प है दावेदारी
इस बार महापौर की दावेदारी काफी दिलचस्प है। जाने-माने लोग महापौर बनने की ख्वाहिश में भाजपा का टिकट मांग रहे हैं। इलाहाबाद के कई दिग्गज चिकित्सक, समाजसेवी, संघ और पार्टी के पुराने नेता, बिजनेसमैन इस चुनाव में टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। सबसे दिलचस्प तो ये है कि कैबिनेट मिनिस्टर, विधायक, सांसद के सगे संबंधी भी इन्हीं दावेदारों की लाइन में हैं। निश्चित तौर पर भाजपा के लिए ये मुश्किल होगा कि 51 आवेदन में किसी एक को कैसे चुनें। वहीं पार्षद की बात करें तो शहर में कुल 80 वॉर्ड हैं और 1425 आवेदन आ गए हैं। सबसे ज्यादा 575 आवेदन शहर उत्तरी, 500 शहर दक्षिणी और 300 शहर पश्चिमी के वॉर्डों से आवेदन आए हैं।

जमकर हो रहा है प्रचार
अभी तक हर दावेदार अपनी दावेदारी के साथ प्रचार-प्रसार में जुटा है। ये स्थिति किसी एक के साथ नहीं बल्कि हर दावेदार के साथ है। टिकट बंटवारा असंतोष लाएगा ये तो तय है लेकिन उसका असर कम हो इसलिए टिकट घोषणा में भाजपा देरी कर रही है। फिलहाल आज-कल में इलाहाबाद के दावेदारों का नाम आने की संभावना है।












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