'विपक्षी दलों के घमंडिया गठबंधन की साजिश', भाजपा का संभल हिंसा पर आरोप
Sambhal Mosque Violence: यूपी के संभल जिले में रविवार (24 नवंबर 2024 )को हुई हिंसा पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने और इसे विपक्षी दलों के "घमंडिया गठबंधन" की साजिश करार दिया।
भाजपा का आरोप है कि लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद से अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए, जिनमें 20 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। आइए, भाजपा के इस बयान और घटना के पीछे के विवाद को विस्तार से समझते हैं...

भाजपा का बयान: कानून और न्याय का पालन जरूरी
- भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि किसी को भी कानून तोड़ने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग न्यायालय के आदेशों से असहमत हैं, उन्हें कानून का सहारा लेना चाहिए, न कि हिंसा का।
- जोर दिया गया: सभी को न्यायालय के आदेशों का पालन करना चाहिए।
- कानूनी उपाय की सलाह: न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही किसी आदेश में संशोधन की मांग की जा सकती है।
विपक्ष पर निशाना
- भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने विपक्ष को इस हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि "घमंडिया गठबंधन" (INDIA ब्लॉक के लिए भाजपा का संदर्भ) जानबूझकर देश में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह हिंसा सरकार और पुलिस को बदनाम करने की सोचीसमझी चाल है।
संभल हिंसा: क्या हुआ था?
- यह हिंसा तब भड़की जब स्थानीय अदालत के आदेश के बाद शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने गई टीम को प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा।
- मंगलवार को आदेश: अदालत ने मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था, जिसमें दावा किया गया था कि यह मस्जिद पहले हरिहर मंदिर थी।
- 24 नवंबर को सर्वेक्षण: दोपहर की नमाज़ के दौरान तनाव टालने के लिए रविवार सुबह सर्वेक्षण तय किया गया।
- भीड़ का आक्रोश: मस्जिद के पास प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
भाजपा का समर्थन: पुलिस और प्रशासन के लिए
- भाजपा ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया और कहा कि पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए सही कदम उठाए।
- नलिन कोहली का बयान: "कानून तोड़ने वालों को सख्त सजा मिलेगी। हिंसा का कोई स्थान नहीं है।"
- पुलिस की कार्रवाई: पथराव कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और प्लास्टिक की गोलियों का इस्तेमाल किया।
भाजपा की चिंता: चुनावी साजिश?
- भाजपा नेताओं ने इस हिंसा को राजनीतिक चाल बताते हुए कहा कि विपक्ष इस तरह की घटनाओं के जरिए सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
- चुनावी संदर्भ: भाजपा का कहना है कि लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी दल तनाव और अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।
- "घमंडिया गठबंधन" का आरोप: भाजपा ने बारबार इस गठबंधन पर सामाजिक तानेबाने को तोड़ने का आरोप लगाया।
सर्वेक्षण विवाद: मस्जिद बनाम मंदिर
- संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर विवाद एक याचिका से शुरू हुआ जिसमें दावा किया गया कि मस्जिद पहले एक मंदिर थी।
- अदालत का आदेश: मस्जिद का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया।
- याचिकाकर्ता का दावा: यह मस्जिद 1529 में हरिहर मंदिर को गिराकर बनाई गई थी।
संभल में हुई हिंसा ने प्रशासन, न्यायालय और राजनीतिक दलों के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा ने अपने बयान में कानून और न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया और हिंसा को विपक्षी साजिश बताया। वहीं, प्रशासन अब स्थिति को नियंत्रण में रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
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