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भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले के बगावती सुर, 5 स्टार सुविधा के बीच दलित के घर खाना बहुत बड़ा अपमान

By Rajeevkumar Singh
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    बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच सुरक्षित लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद साध्वी सावित्री बाई फुले के बगावती सुर थमे नहीं हैं। अब उन्होंने योगी सरकार के ग्राम स्वराज अभियान के तहत गांव-गांव दलितों के घर जाकर नेताओं के समरसता भोज पर सवाल उठाया है। सांसद ने कहा कि बीजेपी नेताओं का अनुसूचित जाति के घर जाना व फाइव स्टार जैसी सुविधाओं के बीच खाना-पीना अनुसूचित जाति का सबसे बड़ा अपमान है क्योंकि खाना बाहर से आता है, परोसने वाले दूसरे होते हैं। सिर्फ द्वार अनुसूचित जाति के व्यक्ति का होता है। यदि दलितों के घर पहुंचना है तो अचानक पहुंचिए, उसके घर बनी रोटी-नमक खाइये, उनके उत्थान की बात करिए, तब असल में अनुसूचित जाति का सम्मान होगा।

    BJP MP questioned leaders about eating in home of Dalits in UP

    सांसद सावित्री बाई फुले गुरुवार को बहराइच के डाक बंगले में थीं। उन्होंने यहां प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि डॉ आंबेडकर ने भारतीय संविधान में जातीय व्यवस्था को खत्म करते हुए अनुसूचित जाति नाम दिया। यदि जाति व्यवस्था खत्म कर मानववाद की बात करते हुए भोजन किया जाए तो सभी का सम्मान होगा लेकिन जाति का नाम लेकर नेता खाना खाते हैं और सोशल मीडिया पर अनुसूचित जाति के साथ खाने की तस्वीरें शेयर करने की जाती है। सांसद ने अपनी पार्टी नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के यहां रुककर उसको फेसबुक और सोशल मीडिया पर दिखाना अनुसूचित जाति का बड़ा अपमान है। अनुसूचित जाति के घर खाना खाने सब जा रहे हैं लेकिन दलितों के हक की बात कोई नहीं करता। दलितों के घर खाना परोसने वाले दूसरे होते हैं, खाना होटलों से आता है। बर्तन कहीं और से आते हैं। अनुसूचित जाति का व्यक्ति न तो खाना बनाता है न ही परोसता है। दलितों का मजाक बनाया जा रहा है, इससे हम सहमत नहीं है।

    BJP MP questioned leaders about eating in home of Dalits in UP

    सभी धर्म, संप्रदाय की होती है सरकार
    सांसद ने कहा कि कोई भी सरकार हो, वह सभी धर्म, जाति, वर्ग व संप्रदाय की होती है। सभी को साथ में लेकर काम करना चाहिए। भेदभाव नहीं होना चाहिए। लेकिन अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है।अनुसूचित जाति को न तो भरभेट भोजना मिल रहा है न ही युवाओं को नौकरी या रोजगार। बेरोजगार युवा दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। शोषण पर प्रतिबंध लगना चाहिए। जब तक अनुसूचित जाति के उत्थान की बात नहीं होगी, वे आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक सम्मान नहीं होगा।

    अंबेडकर प्रतिमाओं के तोड़े जाने पर भड़कीं सांसद सावित्री
    इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में आंबेडकर की प्रतिमाओं पर बढ़ते हमले की घटनाओं पर साव‍ित्री बाई फुले ने कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि, मैं पूछना चाहती हूं कि जो मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं, उन कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? एससी, एसटी और पिछड़ी जातियों की रिक्तियां नहीं भरी जा रही हैं। लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। कहा जा रहा है कि हम संविधान बदलने आए हैं। कभी कहते हैं कि समीक्षा की जाएगी और आरक्षण खत्म करेंगे।

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    English summary
    BJP MP questioned leaders about eating in home of Dalits in UP

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