'10-20 लोगों को मार देनी चाहिए थी गोली', डासना मंदिर के बाहर हमले पर बोले BJP विधायक
Ghaziabad News: डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने हाल ही में पैगम्बर मोहम्मद पर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद गाजियाबाद का माहौल गरमा गया है। वहीं, अब इस विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर का बयान सामने आया है।
नंदकिशोर गुर्जन ने यति नरसिंहानंद की टिप्पणी के विरोध में मंदिर के बाहर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, 'पुलिस को हमलावरों को गोली मार देनी चाहिए थी।' सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में विधायक नंद किशोर गुर्जर कथित रूप से कहते हैं कि अगर पुलिस ने 10-20 लोगों को गोली मार दी होती, तो और कोई दंगाई नहीं होती।

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शुक्रवार रात डायना मंदिर के बाहर प्रदर्शन करने के लिए भीड़ एकत्र हुई थी और यहां डासना देवी मंदिर पर पथराव किया था। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने यति नरसिंहानंद द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी का विरोध किया था। दरअसल, नरसिंहानंद द्वारा दिए गए विवादित बयान का एक वीडियो वायरल हो गया था।
जिसके बाद शुक्रवार देर रात डासना मंदिर के बाहर लोग इकट्ठा हो गए और हंगामा व पथराव कर दिया था। इस विरोध-प्रदर्शन को लेकर डासना पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक भानु की शिकायत पर वेव सिटी थाने में 150 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनमें से 6 को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
वहीं, इस घटना पर बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जन ने आगे कहा, 'डासना मंदिर पर जो हमला हुआ, वह सनातन धर्म पर हमला है। पुलिस ने रात में लाठीचार्ज का ड्रामा तो किया लेकिन पुलिस को 10-20 लोगों को गोली मारकर एनकाउंटर करना चाहिए था। यह पूरे हिंदुत्व पर हमला है।'
इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि रात में 10 से 20 लोग मारे जाते, तो इस तरह का हंगामा करने वाले लोग नहीं हैं। वीडियो में भाजपा विधायक ने पूछा, 'जब 'सर तन से जुदा' के नारे लगते हैं, तो क्या हिंदू समाज के लोग इस तरह मस्जिद पर जाकर पत्थरबाजी करते हैं?' इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं की आस्था पर हमला है।
इसलिए सभी पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाया जाना चाहिए और जो गिरफ्तार नहीं हैं उन पर इनाम घोषित कर मुठभेड़ में मार दिया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने नरसिंहानंद का बचाव करते हुए कहा कि महाराज जी ने जो कहा वह अलग बात है और अब सनातन धर्म पर जिस तरह के हमले लगातार हो रहे हैं।
बेटियों की हत्या हो रही है, बांग्लादेश में जो हालात हैं, स्वाभाविक है कि उन्होंने गुस्से में कुछ कहा होगा। घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आपको बता दें, नरसिंहानंद पर दिसंबर 2021 में हरिद्वार में एक सम्मेलन में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने सहित कई मामले दर्ज हैं।












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