BJP ने ओम प्रकाश राजभर को दिया अखिलेश से बगावत का तोहफा, मिली Y श्रेणी की सुरक्षा
लखनऊ, 22 जुलाई: उत्तर प्रदेश की सियासत में हर दिन नया मोड़ आने से यहां की राजनीति भी काफी दिलचस्प हो गई है। यूपी में तीन महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव के दौरान जो सियासी समीकरण थे वो बदलते जा रहे हैं। दरअसल सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है जिसके बाद अब यहां का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।ओम प्रकाश राजभर चुनाव के बाद से ही अखिलेश के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। तो क्या अब योगी सरकार ने राजभर को अखिलेश से बगावत करने का इनाम दिया है।

राष्ट्रपति चुनाव में शिवपाल-राजभर ने की थी अखिलेश से बगावत
यूपी में हालांकि इसे राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने के इनाम के तौर पर देखा जा रहा है। राजभर इन दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर लगातार ताने मारने को लेकर भी चर्चा में हैं। दरअसल राष्ट्रपति के चुनाव में राजभर ने बीजेपी समर्थित एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था। एसबीएसपी के सारे विधायकों ने द्रौपदी को वोट किया था। इसके बाद से ही अखिलेश और राजभर के बीच दूरियां और बढ़ गईं थीं। अखिलेश ने भी राजभर को साफ शब्दों में कह दिया है कि शिवपाल और राजभर जो चाहे रास्ता चुन सकते हैं।
यूपी में हुए लोकसभा उपचुनाव में अखिलेश-राजभर में बढ़ी दूरियां
यूपी में हाल ही में दो लोकसभा सीटों रामपुर और आजमगढ़ में हुए उपचुनाव में बीजेपी को जीत मिली थी। इस जीत के बाद ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला बोला था। राजभर ने कहा था कि उपचुनाव में सपा की सेना अपने कमांडर के बिना ही मैदान में उतर गई थी। जिसका खामियाजा उसको भुगतना पड़ा है। बताया जा रहा है कि उनका इशारा अखिलेश यादव की तरफ ही था क्योंकि दोनों सीटों पर कहीं भी वह चुनाव प्रचार के लिए नहीं निकले थे।
अखिलेश को एसी कमरे से बाहर निकलने की सलाह देकर फंस गए थे राजभर
विधानसभा चुनाव में हार के बाद ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश को निशाने पर लेते हुए कहा था कि उनको एसी कमरे में रहने की आदत हो गई है। वो एसी कमरे से बाहर नहीं निकल रहे हैं इसलिए पार्टी की ऐसी दुर्गति हो रही है। राजभर ने यह भी आरोप लगाया था कि अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव की बनाई हुई प्रापर्टी को एक एक कर लुटा रहे हैं। अखिलेश का किया धरा कुछ नहीं है। मुलायम सिंह यादव ने जो राजनीतिक विरासात बनाई थी उसकी वजह से वो सीएम बनने में कामयाब हो गए।
क्या बीजेपी के और करीब आ गए राजभर ?
यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान राजभर ने अखिलेश के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था जिसका खामियाजा बीजेपी को पूर्वांचल में भुगतना पड़ा था। अब बीजेपी को पता है कि मिशन 2024 के टारगेट को पूरा करना है तो राजभर को साथ लाना ही होगा। राजभर के न रहने से पूर्वांचल के गाजीपुर, आजमगढ़ और कौशांबी जैसे जिलों में बीजेपी का खाता तक नहीं खुला था। बीजेपी आम चुनाव से पहले यहां के समीकण दुरुस्त करना चाहती है इसलिए वो राजभर पर डोरे डाल रही है। हालांकि ओम प्रकाश राजभर बीजेपी के कब होंगे ये देखना दिलचस्प होगा क्योंकि उन्होंने हाल ही में बसपा की मुखिया मायावती के साथ गठबंधन करने की वकालत की थी।












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