जयंत-अखिलेश के शक्ति प्रदर्शन पर बीजेपी की निगाहें, जानिए दोनों दलों के टिकट दावेदारों को क्या मिला टास्क

लखनऊ, 06 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में अगल साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सपा-रालोद की पहली गठबंधन रैली 7 दिसंबर को मेरठ में होनी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश और राष्ट्रीय लोकदल के चीफ जयंत चौधरी की रैली सिवलखास विधानसभा क्षेत्र के दबाथुवा में होने वाली है। रैली में भीड़ जुटाने के लिए दोनों पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। रैली में अधिक भीड़ जमा होने को लेकर भी एक दूसरे को पीछे छोड़ने को लेकर होड़ मची हुई है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष भी 2 दिन पहले मेरठ पहुंच चुके हैं। टिकट दावेदारों को भीड़ जुटाने का टारगेट दिया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी किस्मत का फैसला रैली में जुटी भीड़ करेगी। भीड़ से ही इस बात का आकलन होगा की उस विधानसभा क्षेत्र में उनकी कितनी अहमियत है।

भीड़ के बहाने ताकत दिखाने की तैयारी

भीड़ के बहाने ताकत दिखाने की तैयारी

रालोद और सपा दोनों के नेता अपने आलाकमान के सामने सफल रैली दिखाकर सत्ता दिखाना चाहते हैं. ताकि उन पर भारी पठन हो सके। दोनों पार्टियों के नेता दिन-रात गांवों में घूम रहे हैं और भीड़ से रैली में पहुंचने की अपील कर रहे हैं। सपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक टिकट मांगने वालों को निशाना बनाया गया है। कहा गया है कि रैली में भीड़ जुटाएं. जिसके पास ज्यादा भीड़ होगी उसका टिकट कंफर्म हो जाएगा।

एक ही मंच पर होंगे जयंत, अखिलेश

एक ही मंच पर होंगे जयंत, अखिलेश

2022 के विधानसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी को क्लीन स्वीप करने के लिए राष्ट्रीय लोक दल और समाजवादी पार्टी एक साथ आए हैं। इसकी आधिकारिक घोषणा रैली में की जाएगी। इसमें रालोद प्रमुख जयंत चौधरी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव दोनों शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि दोनों नेता हेलीकॉप्टर से मेरठ आएंगे। रैली स्थल के पास हेलीपैड बनाया जा रहा है।

बीजेपी की मुश्किलों में इजाफा

बीजेपी की मुश्किलों में इजाफा

दरअसल, लंबे समय के बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश में सपा और रालोद की संयुक्त रैली होने जा रही है और इस रैली के जरिए दोनों दल भाजपा की मुश्किलें बढ़ाएंगे. दोनों पार्टियों के गठबंधन के बाद प्रदेश में बीजेपी नेता भी काफी आक्रामक हो गए हैं और बीते दिनों बीजेपी के रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सहारनपुर में बड़ी चुनावी रैली की थी और इसमें राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेता शामिल हुए थे।

36 सीटों पर लड़ सकती है रालोद

36 सीटों पर लड़ सकती है रालोद

वहीं कहा जा रहा है कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में रालोद 36 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. हालांकि पहले पार्टी 60 सीटों की मांग कर रही थी। लेकिन एसपी की तरफ से सफाई दी गई। वह और सीटें नहीं दे सकतीं। वहीं हाल ही में रालोद के कांग्रेस के साथ जाने की भी चर्चा थी। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के बीच सीटों के बंटवारे को मंजूरी मिल गई है और इसका ऐलान होना बाकी है। वहीं बताया जा रहा है कि सात दिसंबर को मेरठ के सिवलखास विधानसभा क्षेत्र के दबथुआ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की संयुक्त रैली होने जा रही है। वहीं चर्चा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियां एक संयुक्त रैली में ऐलान कर सकती हैं।

दोनों पार्टियों में भीड़ लाने की होड़

दोनों पार्टियों में भीड़ लाने की होड़

दोनों पार्टियों के बीच भीड़ का श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। संयुक्त रैली में दोनों पार्टियां भीड़ का श्रेय लेने की होड़ में हैं। उनके नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ रोजाना बैठक कर भीड़ जुटाने पर जोर दे रहे हैं। उनकी भीड़ कम न हो। रैली में सपा के लोग रालोद के साथ लाल टोपी और हरी-सफेद टोपी पहनकर आएंगे। एक तरफ एसपी की लाल टोपियां मैदान में चमकेंगी तो दूसरी तरफ हरी टोपियां। यही शक्ति प्रदर्शन में दोनों पार्टियों की ताकत का एहसास कराएंगी।

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