ब्राह्मण चेहरे के नाम पर चुनावी फसल काटने वाले नेताओं को BJP ने पकड़ाया टास्क, जानिए इसकी इनसाइड स्टोरी
लखनऊ, 27 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। दिल्ली में धर्मेंद्र प्रधान के यहां ब्राहम्ण नेताओं की बैठक में कई बातों पर मंथन किया गया और आगे की रणनीति तैयार की गई कि यूपी में ब्राहम्णों समुदाय की सियासत को कौन सी दिशा देनी है। इस बैठक में में मौजूद एक नेता ने बताया कि इसमें ज्यादा कुछ नहीं हुआ लेकिन कुछ नेताओं को जिम्मेदारियां तय की गई हैं। यानी जिन ब्राह्मण नेताओं को बुलाया गया था अब उन्हें जोनवार अलग अलग क्षेत्रों में उतार जाएगा। एक तरफ ये पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होंने वहीं दूसरी ओर ब्राहृमणों की नाराजगी दूर करने के लिए उस हिसाब से प्लानिंग करेंगे। साथ ही समय समय पर अपना फीडबैक आलाकमान को देंगे जिससे पार्टी स्टेप बाइ स्टेप आगे बढे़गी।

खाली बैठे नेताओं को जिम्मेदारी देने की कोशिश
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने आज दिल्ली में ब्राह्मण वर्ग की नाराजगी को दूर करने के लिए एक बड़ी बैठक की थी। इस बैठक को अहम इसलिए भी कहा जा सकता है क्योंकि माना जा रहा है कि इस समय उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण बीजेपी से नाराज हैं। दिल्ली में रविवार को हुई यह बैठक यूपी बीजेपी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के घर पर हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में 16 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है, जिसका मकसद ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करना होगा।

धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर हुई थी बैठक
धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, ब्रजेश पाठक, सत्यदेव पचौरी, सतीश गौतम, महेश शर्मा, सुब्रत पाठक, महेंद्र नाथ पांडे, लक्ष्मीकांत वाजपेयी, नीलकंठ तिवारी, रीता बहुगुणा जोशी सहित कई अन्य नेताओं ने भी भाग लिया। इसके साथ ही इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र भी शामिल हुए।

ब्राह्मणों के नाम पर सियासत करने वाले नेताओं को मिला टास्क
इस बैठक को बुलाने का मकसद यह था कि यूपी में ब्राह्मण वर्ग की नाराजगी को कैसे दूर किया जाए। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी ब्राह्मण नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर ब्राह्मण वर्ग के प्रतिष्ठित लोगों से मिलेंगे और जनता को भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ब्राह्मणों के लिए किए गए कार्यों की जानकारी देंगे। लंबे समय से कहा जा रहा है कि यूपी के करीब 12 फीसदी ब्राह्मण योगी सरकार से नाराज हैं और ब्राह्मण वर्ग की ओर से लगातार आवाज आ रही है कि चार और एक में यूपी में सरकार ने ब्राह्मण समाज के लिए कुछ नहीं किया।

ब्राह्मणों की नाराजगी बोल नहीं लेना चाहती बीजेपी
ब्राह्मण वर्ग, जिसे सालों से बीजेपी का मजबूत वोट बैंक माना जाता रहा है। डर यह है कि कहीं यह नाराज ब्राह्मण वर्ग इस बार किसी और पार्टी में न जाए, इसीलिए नाराज ब्राह्मण को मनाने की कवायद तेज कर दी गई है। गौरतलब है कि अजय मिश्रा टेनी भी इसी ब्राह्मण वर्ग से आते हैं। लखीमपुर मामले में विपक्ष के लगातार हमलों के बावजूद सरकार अभी भी अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और इस सबके पीछे यह एक बड़ी वजह बताई जा रही है. क्योंकि अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ कार्रवाई कर सरकार ब्राह्मण वर्ग को और नाराज करने का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी।












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