कामचोर कर्मचारियों ने निकाली बायोमेट्रिक एटेंडेंस की काट, ईजाद की बायोमेट्रिक मोहर
मुरादाबाद। सरकार ने काम चोरी रोकने के लिए कर्मचारियों की बायोमेट्रिक के जरिए एटेंडेंस की शुरुआत की थी, लेकिन कामचोर कर्मचारियों ने उसका भी तोड़ निकाल लिया। सरकारी कर्मचारियों ने इसके लिए बायोमेट्रिक मोहर का इंतजाम किया है।

बड़े पैमाने पर मार्केट में फिंगर प्रिंट स्कैनर बनाने का गोरखधंधा चल रहा है। ये बायोमेट्रिक मोहर फिगर प्रिंट स्कैन करके महज आधे घंटे में मात्र दो सौ से तीन सौ रूपये में तैयार हो जाती है। बायोमेट्रिक मोहर बनाने वाले इस बात का भी दावा करते है की बायोमैट्रिक मोहर बायोमेट्रिक मशीन पर बिल्कुल ऐसे ही कार्य करेगी जैसे मशीन पर अंगूठा कार्य करता है। इस बायोमेट्रिक मुहर के मार्केट में आने के बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों की हाजिरी में सुधार लाने के प्रयास को झटका लग सकता है।
मालूम हो कि अब अधिकतर सभी कार्यलयों में बायोमेट्रिक हाजरी मशीन लग चुकी है। सरकारी कार्यलयों में रजिस्टर की जगह बायोमेट्रिक हाजरी मशीन पर फिगर स्कैन करके ही हाजिरी होती है। बेसिक स्कूल छोड़ बाकि सभी कॉलेजों और दफ्तरों में बायोमेट्रिक मशीन द्वारा ही हाजरी लगती है। जल्द ही बेसिक स्कूलों में भी हाजिरी के लिए यह मशीने लग जाएंगी। बायोमेट्रिक मशीन लग जाने के बाद से सरकार का दावा था की अब सभी सरकारी कार्यलयों में कामचोरी रुक जायगी और अब कर्मचारी घर बैठ कर अपनी हाजरी नहीं लगा पाएंगे।
लेकिन मार्केट में बायोमेट्रिक हाजिरी मोहर ने सरकार के दावों की पोल खोल कर रख दी है। मुरादाबाद शहर के अंदर बायोमेट्रिक मोहर बनाने की दुकानें एक दर्जन से अधिक हैं। नाम ना बताने की शर्त पर दुकानदार ने बताया की सबसे ज्यादा यह मोहरें सरकारी कर्मचारी बनवा रहे हैं। दुकानदार ने बताया कि वह अब तक दो हजार से ऊपर मोहरें बना चुका है।












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