मिशन 2024 से पहले UP के हर जिले में "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद" को कैसे धार देगी योगी सरकार, जानिए
लखनऊ, 20 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अब सभी 75 जिलों को वहां के पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है। योगी सरकार की मंशा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को जिले स्तर तक पहुंचाना और जिलों के पैराणिक महत्व वाली चीजों को सामने लाकर उनकी ब्रांडिंग करना है। योगी सरकार इस रणनीति के तहत हर जिले की ऐतिहासिक विरासत को भी संवारने का काम करेगा। इसी प्रकार, सभी 75 जिलों में पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन किया जाए। मथुरा के बरसाना तथा प्रयागराज में झूंसी से त्रिवेणी पुष्प तक रोप-वे निर्माण कराया जाए। लखनऊ और प्रयागराज में हेली टूरिज्म की संभावनाओं का आकार दिया जाएगा।

सांस्कृतिक मजबूती से ही बनेगा नया यूपी
जिस तरह जन आकांक्षाओं के अनुरूप श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरीडोर निर्माण, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, अयोध्या दीपोत्सव, ब्रज रंगोत्सव, काशी की देव-दीपावली, विंध्य धाम कॉरिडोर, नैमिष तीर्थ, शुक तीर्थ पुनरोद्धार, मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा 100 साल बाद वापस प्रतिष्ठापित होना एक अद्भुत प्रयास है। यह पूरे विश्व में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन देने वाले हैं। इसी तरह आने वाले समय में यूपी के सांस्कृतिक विरासत की ब्रांडिंग के लिए सरकार पूरी ताकत लगाएगी।

योगी सरकार ने चिन्हित किए 12 परिपथ
प्रदेश में चिन्हित 12 परिपथ के विकास के कार्यों को प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण कराया जाए। रामायण परिपथ, बुद्धिष्ट परिपथ, आध्यत्मिक परिपथ, शक्तिपीठ परिपथ, कृष्ण/ब्रज परिपथ, बुंदेलखंड परिपथ, महाभारत परिपथ, सूफी परिपथ, क्राफ्ट परिपथ, स्वतंत्रता संग्राम परिपथ, जैन परिपथ एवं वाइल्ड लाइफ एंड इको टूरिज्म परिपथ उत्तर प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान देंगे। आगामी 100 दिनों के भीतर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिगत ऑनलाइन एकीकृत मंदिर सूचना प्रणाली का विकास किया जाना चाहिए। जिसमें मंदिरों का विवरण, इतिहास, रूट मैप आदि की जानकारी हो।

सरकार तैयार करेगी भजन संध्या स्थल
प्रदेश की अद्वितीय सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित, संवर्धित एवं लोकप्रिय बनाते हुए राज्य को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में प्रतिष्ठित करने का हमारा प्रयास है। लोक कल्याण संकल्प के अनुरूप बुजुर्ग संतों, पुजारियों एवं पुरोहितों के कल्याण के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाना है। उसके अनुसार कार्यवाही की जाए। प्रयागराज, मथुरा, गोरखपुर एवं वाराणसी में 'भजन संध्या स्थल तैयार कराया जाए।

क्षेत्रिय भाषाओं और बोलियों को भी प्राथमिकता
क्षेत्रीय भाषाओं, बोलियों की समृद्धि-संरक्षण के लिए हम संकल्पित हैं। इस क्रम में 'सूरदास ब्रजभाषा अकादमी, गोस्वामी तुलसीदास अवधी अकादमी, केशवदास बुंदेली अकादमी, संतकबीरदास भोजपुरी अकादमी की स्थापना करने पर सहमति बनी है। यह कार्य आगामी 100 दिनों में पूर्ण कर लिया जाएगा। श्रृंगवेरपुर में निषादराज गुह्य पर्यटन, लखनऊ में महाराजा बिजली पासी के किले पर लाइट एंड साउंड शो, बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्मारक निर्माण के कार्य तेजी के साथ पूर्ण कराए जाएं। यह पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में राष्ट्रीय मानचित्र पर अपना स्थान बनाएंगे।
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सरकार तैयार करेगी पर्यटन मित्र
'एडॉप्ट ए हेरिटेज' नीति के तहत छतर मंजिल, दर्शन विलास कोठी लखनऊ, गोवर्धन की छतरियां, मथुरा, कर्मदेश्वर महादेव, काशी, चुनार किला, मिर्जापुर, बरूआ सागर झील किला में हेरिटेज मित्र का चयन किया जाए। एनसीसी, एनएसएस, युवक एवं महिला मंगल दल के माध्यम से 'पर्यटन मित्र' तैयार किए जाएं। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय को यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाए। राजकीय अभिलेखागार लखनऊ में आजादी की गौरव गाथा पराधारित वीथिका का निर्माण कराया जाए।












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