Bareilly Violence Update: मौलाना तौकीर रजा समेत 8 गिरफ्तार, 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद, धारा 144 लागू
Bareilly Violence Update: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जुमे की नमाज़ के बाद भड़की हिंसा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सख़्ती दिखाते हुए इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा (Maulana Tauqeer Raza jail) को गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार, 27 सितंबर को पुलिस ने अदालत में पेशी के बाद मौलाना को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उनके साथ 7 अन्य लोगों को भी जेल भेजा गया है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में लगातार एफआईआर दर्ज की जा रही हैं और कई लोगों से पूछताछ जारी है।
मौलाना तौकीर रज़ा पर दर्ज मामले
बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने जानकारी दी कि हिंसा के मामले में अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें कोतवाली थाने में 5, बरादरी थाने में 2, प्रेमनगर, कैंट और किला थाने में 1-1 एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 39 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
अकेले मौलाना तौकीर रज़ा के खिलाफ 7 FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मौलाना को पहले नजरबंद किया गया, फिर हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद
हिंसा और तनाव को देखते हुए प्रशासन ने 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएँ बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। BSNL क्षेत्रीय कार्यालय के जीएम पंकज पोरवाल ने मीडिया को दी गई जानकारी में बताया कि शासन से आदेश प्राप्त हो चुका है और शनिवार से जिले में इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए ज़रूरी है।
मौलाना तौकीर रज़ा ने जारी किया था मैसेज
गिरफ्तारी से पहले मौलाना तौकीर रज़ा ने शुक्रवार देर रात एक वीडियो मैसेज जारी किया था। उन्होंने सरकार की ओर से दिए गए बयानों का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें नज़रबंद कर दिया गया है और इस वजह से वह अपने समर्थकों से संवाद नहीं कर पा रहे हैं।
वीडियो में उन्होंने कहा, "अतीक और अशरफ की तरह मुझे भी गोली मार दो, मोहम्मद के नाम पर मरना कबूल है। मैंने हमेशा अमन का रास्ता चुना, लेकिन मोहम्मद साहब के बार-बार अपमान के खिलाफ सख़्त कानून बनना चाहिए। मैं आशिक़-ए-रसूल को मुबारकबाद पेश करता हूँ, जिन्होंने ऐसे कठिन समय में अपनी आस्था का परिचय दिया।"
Bareilly violence: बरेली में कैसे भड़की हिंसा?
बता दें कि 26 सितंबर को जुमे की नमाज़ के बाद बरेली की अल हजरत दरगाह के आसपास "आई लव मोहम्मद" लिखे पोस्टरों के साथ प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण नज़र आ रहा था लेकिन देखते ही देखते यह विरोधअचानक हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया जिससे हालात बेकाबू हो गए हैं। अंत में बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
पुलिस के लाठीचार्ज के बाद शर में भीड़ बेकाबू हो गई और खलील स्कूल तिराहे, नावल्टी चौराहा और श्यामगंज समेत कई इलाकों में दुकानों व वाहनों में तोड़फोड़ करने लगे। श्यामगंज इलाके में फायरिंग की घटनाएँ भी सामने आईं। करीब तीन घंटे तक बरेली शहर हिंसा की चपेट में रहा, जिसके बाद पुलिस बल ने हालात पर काबू पाया। इस बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस-प्रशासन सतर्क
पुलिस का कहना है कि मौलाना तौकीर रज़ा ने कई बार प्रशासन को चकमा देने की कोशिश की थी, लेकिन अब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति अब काबू में है, हालांकि जिले में तनाव का माहौल बना हुआ है। शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और लगातार गश्त की जा रही है।












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