विषाक्त भोजन खाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, 8 साल की मासूम ने सुनाई पूरी कहानी
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में विषाक्त भोजन खाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। जिसके बाद पूरे गांव में मातम पसरा गया। मरने वालों में पिता, पुत्र तथा एक पुत्री शामिल हैं। मौत का कारण प्रथम दृष्टया फूड प्वाइजनिंग माना जा रहा है। बता दें कि मृतक विक्रम के परिवार में अब केवल 8 वर्ष की एक मासूम बच्ची बची है।

मामला बलरामपुर के तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम जद्दापुर का है। विक्रम मौर्य पुत्र छबीलाल मेहनत मजदूरी करके अपने तीन बच्चों का भरण पोषण करता था। विक्रम के साथ उसका एक पुत्र व दो पुत्रियां रहती थीं। वह बच्चों के लिए भोजन खुद बनाता था। रविवार सुबह विक्रम ने रोटी बनाई। वह बच्चों को रोटियां खिला कर काम पर चला गया। बची रोटी घर में रखी थी। शाम को वापस घर आने पर विक्रम अपने भाई सेवकराम के यहां से दूध लाया। विक्रम और उसके बेटे सूरज तथा पुत्री नेहा ने दूध रोटी खाया। पुत्री निशा ने दूध के साथ चावल खाया। दूध रोटी खाने के बाद रविवार की देर रात विक्रम, सूरज व नेहा को उल्टियां होने लगीं।

लोगों ने नेहा की हालत गंभीर होने पर उसे तुलसीपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया, जहां पर सोमवार सुबह छह बजे उसकी मौत हो गई। उधर विक्रम(40) की हालत खराब होने पर उसे लोग मेमोरियल अस्पताल बलरामपुर लाए। अस्पताल पहुंचते ही विक्रम को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। लोगों ने उसके शव को गांव लाकर पिता पुत्री का अंतिम संस्कार कर दिया। सोमवार देर शाम विक्रम के दस वर्षीय पुत्र सूरज की भी हालत खराब होने लगी। मंगलवार सुबह सूरज की भी मौत हो गई। परिवार में मृतक विक्रम की सात वर्षीय पुत्री निशा बची है। गांव में सीएचसी तुलसीपुर की टीम ने दौरा किया। सीएचसी अधीक्षक सुमंत लाल चौहान ने बताया कि तीनों मौत फूड प्वाइजनिंग से हुई है। दूध और रोटी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
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