Ram Mandir: कौन हैं दिलीप लाखी? जिसने राम मंदिर में दान किया 101 किलो सोना?
Ayodhya Ram Mandir: राम की नगरी अयोध्या में अब राम आ चुके हैं। करीब 500 साल के वियोग के बाद सभी राम भक्त अपने प्रभु के दर्शन पाने को आतुर हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर एक लंबे समय के इंतजार को खत्म कर दिया। बड़ी संख्या में राम भक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं।
यहां 51 इंच की प्रभु राम की बालस्वरूप मूर्ति स्थापित की गई है। वहीं, राम मंदिर में 15 स्वर्ण द्वार आकर्षण का केंद्र बने हैं। भगवान राम की श्रद्धा में लीन भक्त एक से बढकर एक उपहार भेंट कर रहे हैं।

जिसमें स्वर्ण द्वार से लेकर मूर्ति की साज सज्जा तक शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ा चढावा एक सूरत के व्यापारी ने दिया है। भक्त ने अपने प्रभु राम के मंदिर में 101 किलो का सोना चढ़ाया है। कौन है ये व्यापारी?
इस व्यापारी का नाम है दिलीप कुमार वी लाखी। यह एक सूरत के सबसे बड़े हीरे के व्यापारियों में से एक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनका परिवार लंबे समय से डायमंड के कारोबार में लगा है। लाखी ने राम मंदिर में करीब 101 किलोग्राम सोना चढ़ावे में चढ़ाया है। मौजूदा वक्त में जिसकी कीमत करीब 68 करोड़ रुपये हुई। इसका इस्तेमाल राम मंदिर के दरवाजे, गर्भगृह, त्रिशूल, डमरू और स्तंभों को चमकाने में किया गया है। यह मंदिर में अब तक का सबसे बड़ा चढ़ावा है।
दुनिया की सबसे बड़ी हीरा पॉलिशिंग फैक्ट्री के मालिक
लाखी शुरू से ही अपने पिता विशिनदास होलाराम के कारोबार से जुडे थे। 13 साल की उम्र में लाखी ने अपने पिता के डायमंड बिजनेस की ओर रुख किया। 22 साल की उम्र में पिता ने लाखी को मुंबई के जवेरी बाजार एक केंद्र स्थापित करने के लिए भेजा। लाखी ने पिता के भरोसे का मान रखा और डायमंड के व्यापार में बड़ी कामयाबी हासिल की। वर्तमान समय में लाखी, दुनिया की सबसे बड़ी हीरा पॉलिशिंग फैक्ट्री के मालिक हैं।












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