'...अयोध्या के साथ मैं भी खुश हूं', इकबाल अंसारी को मिला राम मंदिर 'प्राणप्रतिष्ठा' का निमंत्रण तो छलकी खुशी
Ram Mandir Inauguration: अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया है। जिसको लेकर तमाम तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। इस बीच, इस भव्य आयोजन पर बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी को आमंत्रित किया गया है। अयोध्या को सजाया जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें शामिल होंगे। समारोह में क्रिकेटरों और बॉलीवुड सितारों समेत 7,000 से अधिक मेहमान मौजूद रहेंगे।
राम मंदिर के 'प्राणप्रतिष्ठा' समारोह का निमंत्रण अंसारी को शुक्रवार को मिला। आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से निमंत्रण कार्ड सौंपा है। निमंत्रण लेकर इकबाल अंसारी ने कहा कि मुझे खुशी है कि भगवान राम की मूर्ति स्थापित होने जा रही है। अयोध्या हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सद्भाव की भूमि है। यह हमेशा बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया और देशभर के मुसलमानों ने इसका सम्मान किया। कहीं कोई विरोध या प्रदर्शन नहीं हुआ। अयोध्या के लोग खुश हैं, मैं भी खुश हूं।

'भूमिपूजन' समारोह में भी शामिल हुए थे अंसारी
आपको बता दें कि इकबाल अंसारी बाबरी मस्जिद के प्रमुख समर्थक रहे हैं और उन्हें 5 अगस्त, 2020 को आयोजित राम मंदिर के 'भूमिपूजन' समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी मिला था। अंसारी उन सैकड़ों लोगों में शामिल थे, जिन्होंने 30 दिसंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कतार में खड़े होकर स्वागत किया था। एक वीडियो में इकबाल को प्रधानमंत्री के काफिले पर फूल बरसाते हुए भी देखा जा सकता है।
2019 को सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था ऐतिहासिक फैसला
इकबाल के पिता हाशिम अंसारी (भूमि विवाद मामले में सबसे उम्रदराज वादी) की 2016 में 95 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई, जिसके बाद इकबाल ने कोर्ट में मामले को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। 9 नवंबर, 2019 को, सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित स्थल पर एक सरकारी ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया और फैसला सुनाया कि हिंदू पवित्र शहर में एक मस्जिद के लिए वैकल्पिक पांच एकड़ का भूखंड खोजा जाना चाहिए।












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