अयोध्या पहुंचे UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को किया गया नजरबंद! चंपत राय से 3 घंटे चली पूछताछ, सारा अपडेट

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस और एसआईटी ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई है और उनका बयान भी दर्ज किया गया।

जांच अब केवल चोरी की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि चढ़ावे के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की नियुक्ति और बैंक तक धन पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। इस बीच मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ता दिख रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों सरकार पर सवाल उठा रही हैं। दूसरी ओर जांच एजेंसियों का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और कई लोगों से पूछताछ अभी बाकी है।

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case

अजय राय को होटल में नजरबंद किए जाने का दावा

राम मंदिर चढ़ावा मामले के बीच कांग्रेस का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करने वाला है। दौरे से पहले कांग्रेस ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या के एक होटल में नजरबंद कर दिया गया है। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि उन्हें होटल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, इस मामले पर प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

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चंपत राय से तीन घंटे तक पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। जांच अधिकारियों ने चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक फैसलों, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और पहले मिली शिकायतों को लेकर कई सवाल पूछे। पूछताछ के बाद उनका बयान दर्ज किया गया। अब उनके बयान का मिलान अन्य गवाहों के बयानों और दस्तावेजों से किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी बुलाया जा सकता है।

किन सवालों के जवाब मांगे गए

जांच अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि चढ़ावे की निगरानी कैसे होती थी, कर्मचारियों की जवाबदेही किसके पास थी और यदि पहले कोई शिकायत मिली थी तो उसका समाधान कैसे किया गया। सूत्रों का दावा है कि चंपत राय ने कहा कि इस चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संदिग्धों को पकड़ने और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कराई गई थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चढ़ावे के सुरक्षित प्रबंधन की जिम्मेदारी ट्रस्ट की व्यवस्था का हिस्सा थी।

कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी सवाल

पूछताछ के दौरान कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर भी सवाल किए गए। जांच अधिकारियों ने जानना चाहा कि रिश्तेदारों या परिचितों को किस आधार पर जिम्मेदारियां दी गईं। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को अवसर दिया गया और नियुक्तियों का फैसला केवल उन्होंने नहीं बल्कि ट्रस्ट के अन्य सदस्यों ने भी मिलकर लिया था।

70 लोगों को नोटिस, 140 गवाहों के बयान की तैयारी

पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा, पदाधिकारी गोपाल राव समेत करीब 70 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें ट्रस्ट से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और अन्य संबंधित लोग शामिल बताए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियां करीब 140 गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही हैं। मंदिर के पांच से छह कर्मचारियों से पहले ही पूछताछ हो चुकी है। अब गणना व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े करीब 30 अन्य लोगों से भी सवाल-जवाब किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि पूरी प्रक्रिया को समझने के बाद ही चोरी की सही तस्वीर सामने आएगी।

बैंक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में

एसआईटी की जांच मंदिर परिसर से आगे बढ़कर भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या धाम शाखा तक पहुंच गई। यहां शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों से पूछताछ की गई। पुलिस ने चढ़ावे की जमा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।

इसके साथ ही आरोपियों के बैंक खातों का विवरण और पिछले पांच वर्षों का बैंक स्टेटमेंट भी मांगा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मंदिर से बैंक तक धन पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई। बैंक रिकॉर्ड और ट्रस्ट के दस्तावेजों का मिलान भी किया जा रहा है।

17 साल से तैनात आरएमओ अर्जुन देव का तबादला

जांच के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस के वायरलेस विभाग में तैनात रेडियो मेंटेनेंस ऑफिसर (आरएमओ) अर्जुन देव का अयोध्या से गोरखपुर तबादला कर दिया गया है। वह वर्ष 2009 से अयोध्या में तैनात थे और कई तबादला आदेश जारी होने के बावजूद लगातार वहीं बने रहे।

सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर के वायरलेस सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और काउंटिंग रूम की व्यवस्था भी उनके जिम्मे थी। इसी वजह से एसआईटी उनकी भूमिका से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। हालांकि अब तक किसी जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की आपराधिक जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस पूरे मामले को लेकर लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं। प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि रामनगरी में चल रही गड़बड़ियों की जानकारी उनकी पार्टी पहले भी सामने ला चुकी है।

उन्होंने कहा कि वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम के मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके लिए "नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट" की राजनीति ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।

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