Ayodhya News: अखिलेश-डिंपल को मिलेगा प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का सुनहरा मौका?
UP News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की तैयारी में सरकार के साथ ही श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट भी जुड़ा है। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी शामिल होंगे। लेकिन यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव अभी भी निमंत्रण के इंतजार में है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या अखिलेश और उनकी पत्नी डिपंल यादव को इस कार्यक्रम में शरीक होने का सुनहरा अवसर मिलेगा या नहीं यह देखना दिलचस्प होगा।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक में शामिल होने की इच्छा का संकेत दिया है। हालांकि, अभी तक अखिलेश को मंदिर ट्रस्ट की आयोजन समिति से निमंत्रण नहीं मिला है।
सपा अध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं कि अगर उन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण मिलेगा तो वह निश्चित रूप से अयोध्या जाएंगे। इस साल की शुरुआत में अखिलेश ने कहा था कि राम मंदिर बन जाने पर वह अपने पूरे परिवार के साथ अयोध्या आएंगे। मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का उनका झुकाव अयोध्या को लेकर समाजवादी पार्टी के रुख में बड़ा बदलाव होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति 22 जनवरी, 2024 को अभिषेक कार्यक्रम का गवाह बनने वाले हैं।
मंदिर निर्माण से जुड़ी आयोजन समिति ने पूर्व प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रमुखों को निमंत्रण भेजा है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी के साथ-साथ सीपीएम नेता सीताराम येचुरी को भी आमंत्रित किया गया है।
इस बीच, सपा सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने राम मंदिर निर्माण पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह अन्याय है कि राम मंदिर उस स्थान पर बन रहा है जहां कभी बाबरी मस्जिद थी। बर्क ने कहा कि मस्जिद गिराकर मंदिर बनाना अनुचित है।
उन्होंने कहा, "यह गैरकानूनी है और अब सरकार को मुसलमानों को आवंटित भूमि पर अयोध्या में मस्जिद बनाने का समान अधिकार देना चाहिए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई सरकारी हस्तक्षेप न हो।"












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