ऑटोमोबाइल इंजीनियर ने की ईजाद ऑयल, ग्रीस मिले गंदे पानी को साफ करने वाली मशीन

कानपुर। गर्मियों के मौसम में जहां कई बस्तियों में पीने का पानी मयस्सर नहीं होता है वहीं अमीरों की कारें धोने के लिये सर्विस स्टेशनों में हजारों गैलन पानी बर्बाद कर दिया जाता है लेकिन अब ऐसा होने से रोका जा सकता है। कानपुर के एक ऑटोमोबाइल इंजीनियर ने ऐसी वॉटर रीसाइक्लिंग मशीन ईजाद की है जिसके इस्तेमाल से वे अपने सर्विस स्टेशन में कुछ लीटर पानी से सैंकड़ो गाड़ियां धोने का दावा करते हैं।

Automobile engineer invented a machine which clean water mixed with oil

अगर किसी मोटर सर्विस स्टेशन पर गाड़ियों को धुलते नजदीक से देखा होगा तो पाया होगा कि हाई प्रेशर के साथ गाड़ियों को धोने के बाद जो पानी नालियों में बहता है, उसमें तमाम काला कचरा, क्लीनिंग ऑयल और ग्रीस आदि जैसे तत्व मिले होते हैं। इस बेहद गंदे पानी का कोई और इस्तेमाल नहीं हो सकता, यह सोच कर इसे नाली में बहा दिया जाता है। यह पानी सीवर लाइन से होकर गंगा या किसी और नदी में पहुंचता है और उसका जल भी प्रदूषित करता है। कानपुर के एक इंजीनियर ने एक ऐसी मशीन का अविष्कार किया है जो पानी और किरोसिन ऑयल को अलग करके बार-बार इस्तेमाल योग्य बनाती है। उन्होंने इस मशीन को वोगा का नाम दिया है।

Automobile engineer invented a machine which clean water mixed with oil

वॉश विदाउट वॉटर लॉस तकनीक पर आधारित इस मशीन की खूबी यह है कि ऑटोमोबाईल इंडस्ट्री में किरोसिन ऑयल से पुर्जे साफ किया जाते हैं। इस रीसाइक्लिंग मशीन के इस्तेमाल से सौ फीसदी तेल पानी से अलग होकर वापस हो जाता है और फिर ऑयल व पानी दोनो दोबारा इस्तेमाल में लाने योग्य हो जाते हैं। ये मशीन इलेक्ट्रिसिटी फ्रेण्डली भी है। बिजली का इस्तेमाल सिर्फ धुलाई के दौरान प्रेशर बनाने के लिये किया जाता है। रीसाइक्लिंग में खास बिजली नहीं लगती है क्योंकि अपेक्षित घनत्व पानी और ऑयल को अलग-अलग कर देता है। इस मशीन में स्वतः शोधन क्षमता भी है यानी इस मशीन को धोने में जो पानी खर्च होता है वो खुद इसे साफ करके दोबारा इस्तेमाल के लिये वाटर टैंक में पहुंचा देती है।

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अब बात सर्विस स्टेशनों में होने वाली पानी की बर्बादी की। एक अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक शहर में वैध अवैध मिलाकर 500 से अधिक धुलाई सेंटर हैं जहां हर रोज लगभग आठ हजार वाहनों की धुलाई होती है। एक दुपहिया वाहन धोने में पचास लीटर और कार धोने में 150 लीटर पानी खर्च होता है। लेकिन ये मात्रा तब है जब एअर प्रेशल नॉजल का इस्तेमाल किया जाय। अवैध सर्विस सेंटर तो पैसा बचाने के लिये कहीं ज्यादा पानी बहा देते हैं। अब कानपुर नगर निगम ने ऐसे अनाधिकृत सर्विस सेंटरों को बन्द कराने का अभियान छेड़ा है।

अहिबरन सिंह ने की वोगा मशीन साठ हजार में छोटी और डेढ़ लाख में बड़ी तैयार हो जाती है। लेकिन पानी की किल्लत को देखते हुए इस कीमत को ज्यादा नहीं कहा जाना चाहिये। सरकार को ऐसी मशीनों का इस्तेमाल अनिवार्य बनाकर जल संचयन का सन्देश देना चाहिए।

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