लॉकअप में इतना पीटा कि मर गया ऑटो चालक, भाई से हुआ था मामूली विवाद

संत रविदास नगर। यूपी के संत रविदास नगर में एक ऐसा मामला सामने आया है जो पुलिस की भूमिका को सवालों के घेरे में खड़ा करता है। गोपीगंज थाने के लॉकअप में शुक्रवार को फूलबाग निवासी 46 वर्षीय ऑटो चालक रामजी मिश्र की मौत हो गई। बेटी दीपाली मिश्रा ने पुलिस पर बुरी तरह पिटाई का आरोप लगाया है। भाई से विवाद के चलते पुलिस ऑटो चालक को पकड़कर थाने ले गई थी।

Auto Driver Died After Beaten By Police In uttar pradesh

भाईयों में जमीन के विवाद को लेकर हिुई थी कहासुनी

गोपीगंज के फूलबाग निवासी रामजी मिश्रा का उनके भाई अशोक मिश्रा से मकान बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों में शुक्रवार को कहासुनी हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को थाने ले गई। पीछे-पीछे रामजी मिश्रा की पत्नी व बेटी भी थाने पहुंची। दीपाली के अनुसार थाने में भी दोनों भाइयों में कहासुनी हुई तो पुलिस ने पिटाई करते हुए लॉकअप में बंद कर दिया। पुलिस की पिटाई से रामजी की हालत गंभीर हो गई थी और बवाल न बढ़े इसलिए पुलिस उन्हे जिला अस्पताल ले गई थी।

एसपी ने कहा मामले की जांच होगी

पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल का कहना है कि परिजनों के आरोप के बाद मामले की जांच सीओ ज्ञानपुर से कराई जा रही है। तत्काल पोस्टमार्टम भी कराया गया। मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया जा रहा है। दोनों भाइयों में संपत्ति को लेकर विवाद था। पुलिस उन्हें थाने नहीं लाई बल्कि दोनों का परिवार खुद आया था। पर दीपाली का आरोप है कि लॉकअप में ही पिटाई के कारण उसके पिता की मौत हुइ है।

पीड़ित चिल्लाता रहा साहब निकाल दो लॉकअप से नहीं तो मर जाउंगा

जानकारी के मुताविक सगे भाइयों के मामूली विवाद में पुलिस ने थाने में न सिर्फ ऑटो चालक को पीटा बल्कि लॉकअप में भी बंद कर दिया। परिजनों ने बताया कि हवालात में डालने के बाद रामजी की तबियत खराब हो गई। जिसके बाद वह जोर जोर से चिल्लाने लगा कि साहब बाहर निकाल दो वरना मर जाऊंगा। लेकिन किसी ने नहीं सुना। समय रहते पुलिस ने संजीदगी का परिचय दिया होता तो शायद आज एक परिवार अनाथ होने से बच जाता।

बिना लिखा पढ़ी के ही डाल दिया लॉकअप में

अमूमन पुलिस किसी भी मामले में आरोपियों को तभी हवालात में डालती है, जब उसके खिलाफ कोई लिखित शिकायत हो। भाइयों में कहासुनी हुई, उसके बाद उन्हें थाने लाया गया। बिना मुकदमा अथवा एनसीआर दर्ज किए ही दोनों भाईयों को हवालात में क्यों डाला गया, इसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है। वहीं जानकारी के मुताबिक पुलिस जब ऑटो चालक रामजी मिश्रा का पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर पहुंची तो परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया।

मौत के बाद आधा दर्जन लोगों को छोड़ा

उसी दिन मारपीट समेत अन्य आरोपों में गोपीगंज थाने में आधा दर्जन से अधिक लोग लाए गए थे। उनके खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की तैयारियां चल रही थी। इस बीच, ऑटो चालक रामजी मिश्र की मौत हो गई। जिसके बाद सभी पुलिस कर्मी थाने से बाहर आ गए और आरोपियों को घर भेज दिया। वहीं, पुलिस ने पिटाई से इनकार किया है। इस मामले में आक्रोशित लोगों ने शनिवार को हाईवे जाम कर दिया।

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