Atiq Ahmed: राज्य सरकार ने किया न्यायिक आयोग का गठन, राजीव लोचन मेहरोत्रा करेंगे अगुवाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतीक अहमद की हत्या के मामले में न्यायिक आयोग का गठन किया है। यह आयोग जल्द ही अपनी जांच शुरू करेगा।

Uttar Pradesh government: उत्तर प्रदेश सरकार ने गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद के बेटे असद और उसके सहयोगी गुलाम की 13 अप्रैल को झांसी में हुई मुठभेड़ में हत्या की जांच के लिए दो सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है।
इससे पहले, राज्य सरकार ने अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की हत्या की जांच के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) अरविंद कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच समिति के गठन की घोषणा की थी।
आयोग में सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव लोचन मेहरोत्रा और सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक, विजय कुमार गुप्ता शामिल हैं। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि यह पैनल मुठभेड़ के सभी पहलुओं की जांच करेगा।
दरअसल, वकील उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद और उसका सहयोगी गुलाम 13 अप्रैल को झांसी में यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। राज्य पुलिस ने उन दोनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 24 फरवरी को प्रयागराज में पाल की हत्या के बाद से ही दोनों फरार चल रहे थे।
इससे पहले, राज्य सरकार ने अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की हत्या की जांच के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) अरविंद कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच समिति के गठन की घोषणा की थी। समिति के दो अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त न्यायाधीश बृजेश कुमार सोनी और पूर्व डीजी पुलिस सुबेश कुमार सिंह शामिल हैं।
राज्य सरकार ने 15 अप्रैल की रात तीन हमलावरों द्वारा अतीक और अशरफ की हत्या की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन किया था जबकि दोनों को प्रयागराज में मेडिकल जांच के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया जा रहा था।












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