Atiq Ahmed Security Lapse: अतीक-अशरफ की हत्या के बाद यूपी पुलिस पर खड़े हुए 7 गंभीर सवाल, आखिर कैसे हुई ये चूक
Atiq Ahmad Murder: माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद यूपी पुलिस कटघरे में है। यूपी पुलिस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

Atiq Ahmed Security Lapse: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या के बाद लगातार कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस तरह से पुलिस कस्टडी में दोनों की लाइव टीवी इंटरव्यू के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई, उसके बाद यूपी पुलिस कटघरे में है और उसपर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
गाड़ी पर सीसीटीवी कैमरा नहीं
अतीक अहमद की सुरक्षा की पड़ताल करने पर साफ नजर आता है कि 14 और 15 अप्रैल को अतीक अहमद के सुरक्षा काफिले में तीन गाड़ियां थीं। दोनों ही दिन दो खुली जीप और एक स्कॉर्पियों अतीक को लेकर आ-जा रही थी। अहम बात है कि इन गाड़ियों पर कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा था।
बख्तरबंद गाड़ी क्यों हटाई गई
अतीक को जब गुजरात की साबरमती जेल से यूपी लाया जा रहा था तो उस वक्त इंटेलिजेंस ने उसकी जान को खतरा बताया था। जिसकी वजह से अतीक की गाड़ियों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था और उसे बख्तरबंद गाडियों में ही रखा गया था।
क्यों पुख्ता सुरक्षा नहीं
लेकिन जब यूपी पुलिस को अतीक अहमद की रिमांड मिली तो उसकी सुरक्षा में साफ तौर पर कमी देखने को मिली। उसे ना तो बख्तरबंद गाड़ी में रखा गया और ना ही किसी बंद गाड़ी में। अतीक को खुली जीप में मेडिकल के लिए अस्पताल लाया जाता था।
आम कैदियों की तरह लेकर क्यों घूम रही थी पुलिस
अतीक की सुरक्षा में जिस तरह से कमी की गई, उसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के बाहर भी अतीक की सुरक्षा के लिए कोई घेरा नहीं बनाया गया। आखिर क्यों पुलिस अतीक और अशरफ को आम कैदियों की तरह लेकर घूम रही थी, क्यों उन्हें मीडिया के सामने इस तरह से इंटरव्यू देने दिया गया।
एक ही हथकड़ी में क्यों बांधा
अतीक पर 200 से अधिक केस जबकि अशरफ पर 52 से अधिक केस दर्ज थे। इसके बाद भी दोनों को एक ही हथकड़ी में बाधकर पुलिस मेडिकल के लिए लाई थी। अतीक को जब गोली लगती है तो वह नीचे गिर जाता है और उसके साथ ही अशरफ भी नीचे गिर जाता है और हमलावर दोनों को गोलियों से भून देते हैं।
हाथ छुड़ाकर भागने लगे पुलिसवाले
अतीक की हत्या के दौरान जिस तरह से यूपी पुलिस का बर्ताव देखने को मिला, वह भी कई सवाल खडे़ करता है। वीडियो में देखा जा सकता है जब हमलावरों ने गोली चलाई तो जिन पुलिसकर्मियों ने अतीक और अशरफ को पकड़ रखा था, वह उससे हाथ छुड़ाकर भागने लगते हैं।
19 पुलिसकर्मी, पर एक ने भी नहीं चलाई गोली
यही नहीं एक हमलावर जो गोली चला रहा था, उसके पीछे खड़ा पुलिसकर्मी उसे हाथ से पकड़ने की कोशिश करता है, ना किसी जवाबी फायरिंग करता है। रिपोर्ट की मानें तो मौके पर 19 पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन एक भी पुलिसवाले ने जवाबी फायरिंग नहीं की और हमलावर लगातार ताबडतोड़ फायरिंग करते रहे।












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