पकौड़े से अटल बिहारी का भी है खास रिश्ता, मथुरा जब भी आते जरूर खाते
मथुरा। पकौड़े को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और राज्यसभा में अमित शाह द्वारा पकौड़े को व्यवसाय बताने के मामले के बाद देश में पकौड़े पर बहस छिड़ गयी है। विपक्ष इस पर सरकार को घेर रहा है। इस बीच अटल बिहारी वाजपेयी के पकौड़ा प्रेम की चर्चा भी खूब हो रही है। पकौड़ा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खानपान का एक अहम हिस्सा रहे हैं। अटल जी जब भी मथुरा आते तब वह यहां चौक बाजार में जाते और मूंग की दाल से बने पकौड़े जरूर खाते।

मथुरा के पकौड़े से अटल का लगाव
अटल बिहारी वाजपेयी को मथुरा के पकोड़े बेहद पसंद थे। कचौड़ी और पकौड़ों के शौकीन अटल जी जब भी मथुरा आते तो यहां के मूंग की दाल से बने पकौड़ों को जरूर खाते थे। अटल जी को कचौड़ी और पकौड़े इस कदर पसंद थे कि जब कोई मथुरा से उनसे मिलने दिल्ली जाता तो पकौड़े जरूर ले कर जाता। अटल जी के साथी और नगर पालिका परिषद् के पूर्व चेयरमेन बांके बिहारी माहेश्वरी बताते हैं कि अटल जी खाने-पीने के शौकीन थे।

मूंग की दाल के पकौड़ों के शौकीन
भाजपा के वरिष्ठ नेता बांके बिहारी माहेश्वरी ने बताया कि अटल जी खाने-पीने के शौकीन थे। पकौड़े वे बड़े प्रेम से खाते थे। मथुरा से उनका विशेष लगाव रहा है। मथुरा के चौक बाजार में स्थित सुरेश पकौड़े वालों की दुकान पर अटल जी मूंग की दाल के बनने वाले पकौड़ों का स्वाद जरूर चखते। करीब 40 साल पुरानी इस दुकान पर आज भी पकौड़ों के शौकीन लोगों की भीड़ लगी रहती है। यहां शहर के कोने-कोने से पकौड़े खाने वाले लोग आते हैं। पकौड़े खाने भाजपा के नेता भी यहां पहुंचते हैं।

500 किलो करीब प्रति दिन बिक जाते है पकौड़े
मथुरा में पकौड़े की चर्चा आज से नहीं बल्कि अटल जी के समय से होती रही है। मथुरा से लोकसभा चुनाव लड़ चुके अटल जी यहां जब भी आते पकौड़ों और कचौड़ी का स्वाद जरूर चखते। दीनदयाल स्मारक समिति के अध्य्क्ष रहे अटल जी को मथुरा के साथ-साथ पकौड़ों से भी लगाव था। श्रीकृष्ण के शहर के पकौड़ों की पहचान दूर-दूर तक है। यहां एक अनुमान के मुताबिक 500 किलो करीब पकौड़े प्रतिदिन बिक जाते है।












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