यूपी: सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में फेल अभ्यार्थी हो गए पास, रोका गया नियुक्ति पत्र
इलाहाबाद। यूपी की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती से विवादों का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया के दौरान सामने आया है। लगभग दो दर्जन ऐसे अभ्यर्थी शिक्षा विभाग ने चिन्हित किए हैं जो लिखित परीक्षा में तो फेल थे। लेकिन, उन्हें काउंसलिंग में शामिल होने का मौका मिला और जिला भी आवंटित कर दिया गया था।

हालांकि नियुक्ति पत्र जारी किए जाने से पहले ही मामला पकड़ में आ गया और इनके नियुक्ति पत्र रोक दिए गए हैं। ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या 23 है और यह 14 अलग अलग जिलों के अभ्यर्थी हैं। मामले में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय इलाहाबाद की ओर से इस मामले में जांच बैठा दी गई है और पता लगाया जा रहा है कि आखिर फेल अभ्यर्थियों को कैसे पास कर दिया गया है।
इन जिलो के हैं अभ्यार्थी
फेल होने के बावजूद जिला आवंटन प्रक्रिया में जिन अभ्यर्थियों को मौका मिल गया था वह अलग-अलग 14 जिलों के हैं। इनमे महाराजगंज, बलरामपुर, मुरादाबाद, सीतापुर, देवरिया, कुशीनगर, जौनपुर, चित्रकूट, बुलंदशहर, मैनपुरी, अलीगढ़, बाराबंकी, गोंडा और मेरठ जिले मे आवंटन पाने वाले 20 अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। फिलहाल इनका नियुक्ति पत्र जारी करने से रोक दिया गया है। हालांकि नियुक्ति पत्र रोके जाने के मामले में अभी परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय द्वारा अपरिहार्य कारण बताए जा रहे हैं।
जांच के बाद रखेंगे पक्ष
परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डॉ सुत्ता सिंह ने इस मामले में बताया कि अभी जांच की प्रक्रिया चल रही है। कुछ अभ्यर्थियों को लेकर तकनीकी समस्या सामने आई है। उनके नियुक्ति पत्र रोक दिए गए हैं। पूरी पारदर्शिता के साथ ही अभी तक की भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराई गई है। ऐसे में कोई खामी ना रह जाए इसके लिए गंभीरता से मामले की जांच करवाई जा रही है। जल्द ही मामले की जांच रिपोर्ट आ जाएगी और स्थिति साफ हो जाएगी।
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