बनारस पुलिस पर सख्त कदम, लगभग 1000 खाकी वालों का ट्रांसफर
माना तो ये भी जा रहा है कि इसी अवैध वसूली के कारण शहर में अपराध और अपराधियों के हौंसले बढ़े हुए थे। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरके भारद्वाज ने ज्यादातर ट्रांसफर पुलिस लाइन और थाने चौकी के बीच की।
वाराणसी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरके भारद्वाज ने काशी के सभी थानों पर कई सालों से एक ही थाने पर तैनात पुलिस के जवानों और दरोगा का स्थानांतरण किया है। सूत्रों की माने तो ये स्थानातंरण भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए किया गया है। इस ट्रांसफर में 62 HCP, 123 HC, 559 Constable शामिल हैं। इसके अलावा एसएसपी ने करीब 100 दरोगा को भी थानों की पुलिस लाइन और पुलिस लाइन में प्रतीक्षारत रहे सिपाही, दरोगा को थाने से लेकर चौकी तक भी जिम्मेदारी सौपी है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों के अंतर्गत आने वाले ऐसे कई स्थान हैं, बता दें की इस स्थानातंरण के बाद अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि एसएसपी अब उन थाना प्रभारियों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। जिन थानों के इंचार्ज अपने कार्य के प्रति ढीले हैं या जिन थानाक्षेत्रों में बीते महीने में अपराध का ग्राफ बढ़ा है।

लगातार मिल रही थी शिकायतें
दरअसल अभी कुछ ही दिनों पहले वाराणसी जैसे महत्वपूर्व शहर की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद एसएसपी आरके भारद्वाज को इस बात की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई-कई सालों से तैनात सिपाही, रंगरूट, दीवान, दरोगा आपस में मिली-भगत कर अवैध वसूली में लिप्त हैं। सूत्रों की माने तो इन्होंने इस मामले में अपने स्तर से गोपनीय जांच भी कराई थी। माना तो ये भी जा रहा है कि इसी अवैध वसूली के कारण शहर में अपराध और अपराधियों के हौंसले बढ़े हुए थे। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरके भारद्वाज ने ज्यादातर स्थानातंरण पुलिस लाइन और थाने चौकी के बीच किया है। और तेजतर्रार पुलिस कर्मियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। जिससे पुलिस और जनता के बीच नए रिश्ते कायम हो सकें।
डीजीपी महोदय का है काशी से विशेष लगाव
असल में उत्तर प्रदेश के पुलिस के मुखिया सुलखान सिंह का पीएम की काशी से पुराना रिश्ता है। वो अपने शुरुआती दिनों में वाराणसी में भी कई जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। यही नहीं सुलखान सिंह का काशी के श्री काशी विश्वनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर के प्रति अटूट आस्था है। जिसके कारण उनकी सीधी नजरें बनारस की कानून व्यवस्था पर रहती है। यही वजह है कि ये इस स्थानातंरण के पीछे हो सकता है। कानून व्यवस्था का राज कठोरता से कायम रखने के लिए ये कदम उठाए गए हो।












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