अब्दुल हमीद के गांव जाकर सेना प्रमुख विपिन रावत ने दी सलामी, तस्वीरें
ये पहला मौका है जब किसी सेना प्रमुख ने एक शहीद के गांव जाकर ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है।
गाजीपुर। परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के गांव गाजीपुर के धामूपुर पहुंचे सेना प्रमुख बिपिन रावत ने रविवार को शहीद की मूर्ति का अनावरण करने के साथ ही उनकी पत्नी रसूलन बीबी का खुले मंच पर स्वागत किया। ये पहला मौका है जब किसी सेना प्रमुख ने एक शहीद के गांव जाकर ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है।

अब्दुल हमीद का शहादत दिवस
बता दें कि आज यानि 10 सितम्बर को अब्दुल हमीद का शहादत दिवस है और आज के ही दिन उन्होंने साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के पैटन टैंक को नष्ट किया था। आज इस मौके पर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने गाजीपुर के युवाओं को सेना ज्वाइन करने के लिए हौसला अफजाई किया वहीं उन्होंने जल्द की गाजीपुर के युवाओं को सेना में भर्ती के लिए दिए जाने वाले मौके की भी बात कही।

डोकलाम, कश्मीर पर बोले बिपिन रावत
इसके अलावा बिपिन रावत ने साफ किया कि डोकलाम में समझौते के बाद स्थिति सामान्य है। कश्मीर में सेना की ओर से हुई लगातार कार्रवाई का परिणाम है कि पत्थरबाजी की घटनायें अब खत्म होने के कगार पर आ गयी हैं।

'यहां आकर धन्य हुआ'
जनरल रावत ने कहा कि मुझे शहीद वीर अब्दुल हमीद के शहादत समारोह में निमंत्रण देकर बुलाया गया। इसके लिए मैं अपने आपको गर्व महसूस कर रहा हूँ। मैं यहां आकर धन्य हो गया। हमें सोचना हैं कि उनकी शहादत बेकार ना जाये। गाजीपुर की जो धरती है, यहां से लोग लगातार सेना में आकर देश के लिए अपना योगदान देते हैं।

गाजीपुर के युवाओं को भर्ती में मौका
सेना प्रमुख ने कहा, मैं यही चाहूंगा कि ये सिलसिला यूँ ही चलता रहे और यहां से और भी नौजवान सेना में ऐसे भी भर्ती होते रहें। देश के लिए योगदान देने वाली गाजीपुर की परम्परा को कायम रखें। मैंने देखा कि यहां के युवाओं का सेना के प्रति तो जोश है, उसे कायम रखा है और जल्दी ही हम यहां से नौजवानों के लिए भर्ती का सिलसिला शुरू करने वाले हैं।












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