Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Aparna को लगा बड़ा झटका, BJP ने नहीं बनाया MLC का उम्मीदवार, जानिए कब क्या होगा अगला कदम ? 

लखनऊ, 08 जून: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के चुनाव के बाद अब एमएलसी के चुनाव को सियासी दलों के बीच हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव के दौरान ही पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने परिवार से विद्रोह कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। इस तरह की अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि बीजेपी के लिए जोर शोर से परिवार के खिलाफ प्रचार करने वाली अपर्णा को बीजेपी एमएलसी जरूर बनाएगी लेकिन लिस्ट आने के बाद ये टिकट की उम्मीदें धरी की धरीं रह गईं।

अपर्णा यादव

अपर्णा ने परिवार से विद्रोह कर थाम था बीजेपी का दामन

उत्तर प्रदेश में लगभग 3 महीने पहले ही विधानसभा चुनाव हुक था जिसमे बीजेपी को शानदार सफलता मिली थी। उस समय समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के काफी नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा था लेकिन उसमें सबसे बड़ा नाम अपर्णा यादव का ही था। अपर्णा के बीजेपी में आने से एक माहौल बना जिसका लाभ भी बीजेपी को मिला था। अपर्णा ने तब बीजेपी में आस्था व्यक्त करते हुए कहा था कि बीजेपी जो भी जिम्मेदारी देगी उसका निर्वहन किया जाएगा। हालाकि बीजेपी ने अपर्णा को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की बजाय महिलाओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान की जिम्मेदारी सौंपी थी।

पूरे प्रदेश में बीजेपी के लिए प्रचार किया

विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी में शामिल होने के बाद अपर्णा ने पूरे प्रदेश में बीजेपी के लिए प्रचार किया था। बीजेपी ने अपर्णा का इस्तेमाल समाजवादी पार्टी के खिलाफ एक हथियार के तौर पर किया था। पूर्वांचल में प्रचार करने उतरीं अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव के खिलाफ भी कई रैलियों में उन्होंने बीजेपी के लिए प्रचार किया। तब ये कहा गया था कि बीजेपी अपर्णा यादव को अखिलेश के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए बड़ा नेता बनाएगी।

विधानसभा चुनाव के दौरान लखनऊ कैंट से मांगा था टिकट

विधानसभा चुनाव के दौरान अपर्णा यादव ने बीजेपी में शामिल होते ही लखनऊ कैंट सीट से अपनी दावेदारी पेश की थी। इसी सीट पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता और कांग्रेस छोड़कर आईं रीता बहुगुणा जोशी भी अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहीं थीं। कई और लोगों ने भी इस सीट पर अपनी दावेदारी की थी। सारे दावेदारों की दावेदारी को दरकिनार करते हुए बीजेपी ने ब्रजेश पाठक को कैंट सीट से टिकट दे दिया। इससे नाराज होकर रीता जोशी के बीते ने बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। इस सीट से टिकट मांग रहीं अपर्णा को भी निराशा हाथ लगी थी।

अपर्णा के सामने क्या बचे हैं ऑप्शन

राज्यसभा और एमएलसी की सीटों के लिए नामांकन होने के बाद अब अपर्णा के अगला कदम क्या होगा इसपर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। अपर्णा के करीबियों की माने तो अभी वो वेट एंड वॉच की भूमिका में रहेंगी। अगर समय रहते उनका सही समायोजन सरकार या संगठन में नहीं हुआ तो वो बीजेपी से किनारा कर घर वापसी का भी फैसला ले सकती हैं। हालाकि राजनीतिक पंडितों की माने तो अपर्णा जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगी जिससे उनके राजनीतिक भविष्य पर ग्रहण लग जाय।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+