अमेठी: शाम तक मनाते रहे अधिकारी लेकिन कोई वोट डालने नहीं आया
इस बहिष्कार के बाद जहां सीएम अखिलेश यादव का "काम बोलता है" का नारा दमतोड़ता दिखा। वहीं, अमेठी को लेकर गांधी परिवार के सभी दावों की पोल भी खुली।
अमेठी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में सोमवार को संपन्न हुए चुनाव में नई इबारत लिखी गई। यहां, अमेठी विधानसभा सीट के पटसौली गांव के ग्रामीण अपनी बात के पक्के निकले और उन्होंने विकास न होने की बात को मुद्दा बनाते हुए वोटिंग का बहिष्कार किया। इस बहिष्कार के बाद जहां सीएम अखिलेश यादव का "काम बोलता है" का नारा दमतोड़ता दिखा। वहीं, अमेठी को लेकर गांधी परिवार के सभी दावों की पोल भी खुली।

गौरतलब है कि चुनाव घोषित होने से पहले अमेठी के पटसौली गांव के ग्रामीण सड़क न होने से गांव की बदहाली को लेकर आवाज़ बुलंद किए हुए थे। इन ग्रामीणों ने नारा भी दे रखा था 'रोड नहीं तो वोट नहीं', गांव के कई छोर पर बैनर्स भी लगा रखा था। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने इसके लिए प्रदर्शन भी किया था जो मीडिया के सुर्ख़ियों में था। इस सब के बावजूद न तो जिला प्रशासन और न ही राहुल गांधी और न ही अखिलेश सरकार के दागी मंत्री के कानों तक ये आवाज़ पहुंची।

नतीजतन जिस बात का डर था सोमवार को मतदान के दिन वो बात अंजाम पा गई। सुबह से ही पटसौली गांव के ग्रामीणों ने वोट का बहिष्कार शुरु कर दिया। इसकी ख़बर पाते ही प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। कई अधिकारी मौके पर पहुंचे, समझाने-बुझाने का लंबा दौर चला। लेकिन, ग्रामीण अधिकारियों के कोरे आश्वासन के झांसे में नहीं आए। आखिर-आखिर तक प्रशासन की कोशिश रही के मतदान हो जाए लेकिन शाम के 5 बज गए और बूथ के 640 वोटों में से एक भी वोट नहीं गिरा। आखिर में पोलिंग पार्टी बगैर चुनाव कराए बैरंग वापस लौटने को बाध्य हुई। ये भी पढ़ें: सपा के बबुआ को सपा की भाभी भी नहीं बचा पाएंगी- मायावती












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