राहुल गांधी की अमेठी में दर्द से तड़पती रही महिला, मोमबत्ती की रोशनी में हुआ इलाज
अमेठी। अमेठी को सिंगापुर बना देने जैसे राहुल गांधी के बयानों की हवा तब निकल जाती है जब ऐसे मामले सामने आते हैं। अमेठी संसदीय क्षेत्र के मोहनगंज थाना क्षेत्र में मामूली विवाद के चलते चली लाठियों में एक अधेड़ महिला गम्भीर रूप से घायल हो गई थी। उसे इलाज के लिए तिलोई सीएचसी लाया गया। जहां डॉक्टर की लापरवाही और संवेदनहीनता प्रकाश में आई है। डॉक्टरों ने उस महिला का इलाज मोमबत्ती की रोशनी में किया।

मामला अमेठी जिले के थाना मोहनगंज क्षेत्र अंर्तगत गाँव रास्तामऊ का है जहाँ दो पक्षों मे बकरी चराने को लेकर हुए विवाद में लाठियां चल गईं। जिसमें एक पक्ष से एक अधेड़ महिला सहित करीब चार लोग घायल हो गए। इसके बाद घायलों को तिलोई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया। लेकिन सीएचसी तिलोई पहुंचने पर अस्पताल की अव्यवस्था और संवेदनहीनता के कारण अधेड़ महिला बाहर फर्श पर घंटों तड़पती रही। जब लोगों ने इसकी शिकायत सीएमओ अमेठी डा. राजेश मोहन श्रीवास्तव से किया तो आनन-फानन में एक वार्डब्वॉय राजेश वर्मा के द्वारा घायल महिला का इलाज प्रारंभ हुआ।
इस मामले में दुखद बात ये रही कि उस महिला का इलाज मोमबत्ती की रोशनी में किया गया। तीमारदारों का आरोप है कि अचानक बिजली चली जाने के कारण घायल महिला सीतापति की मरहम-पट्टी मोमबत्ती के प्रकाश में की गई। जब तीमारदारों ने जनरेटर चलाने की कही तो एक कर्मी ने बताया कि जनरेटर में तेल नहीं है। फिलहाल गम्भीर रूप घायल अधेड़ महिला को उचित चिकित्सा हेतु जिला चिकित्सालय रायबरेली रेफर किया गया है। जहाँ उसकी हालत अभी भी चिन्ताजनक बनी हुई है।
हालांकि राहुल गांधी खुद भी अमेठी में बिजली ना आने का मामला उठा चुके हैं। उनका कहना है कि बिजली देने का काम पूरी तरह से राज्य सरकार का है और राज्य सरकार अमेठी के साथ सौतेला व्यवहार करती आ रही है।












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