सफेद पैंट-शर्ट पहन नाली साफ करने उतरा यह IAS अधिकारी, लोगों ने की प्रशंसा
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के डीएम योगेश कुमार ने शनिवार को खुद हाथ में फावड़ा उठाया और कूड़े से पटी नाली का कचरा निकालने लगे।
अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के डीएम योगेश कुमार का नाम शनिवार को हर एक जुबां पर था, लोग उनकी जमकर सराहना कर रहे थे। दरअसल लोगों की जुबां पर डीएम की प्रशंसा के शब्द इसलिए थे कि उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान के तहत माह के प्रथम शनिवार को खुद हाथ में फावड़ा उठाया और कूड़े से पटी नाली का कचरा निकालने लगे। इस मौके पर डीएम ने नगरपालिका के कर्मियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और फिर कूडे से पटी नाली को फावड़ा उठाकर साफ करने में जुट गए।

सफेद ड्रेस में डीएम ने की स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत
स्वच्छ भारत अभियान के तहत डीएम योगेश कुमार ने प्रत्येक माह के पहले शनिवार को स्वच्छता अभियान चलाए जानें की आज शुरुआत की। उन्होंने शुरुआत भी काफी निराले ढंग से किया, सफेद रंग की पैंट-शर्ट, जूते और सफेद टोपी साथ डीएम ने खुद हाथ में फावड़ा उठाया और कूडे से पटी नाली का कचरा निकालने लगे। इतने ही पर डीएम रुके नहीं बल्कि उन्होंने झाड़ू हाथ में उठाई और सड़क की सफाई में जुट गए।

दुकान के सामने डस्टबिन रखने का आदेश
अपने हाथों से सफाई अभियान की शुरुआत करते हुए डीएम ने नगरपालिका परिषद के कर्मियों को शपथ दिलाया। इसके बाद उन्होंने ई.ओ. नगरपालिका को निर्देशित करते हुए कहा कि पटरी-गुमटी दुकानदारों को दुकान के सामने डस्टबिन रखने को बोले। वहीं उन्होंने सड़क तक आए दुकानदारों को पीछे रहने की हिदायत दिया। उन्होंने सबके सामने नगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि इसके बाद लापरवाही पर कार्यवाई होगी।

तत्काल लेते हैं ऐसे फैसले
आपको बता दें कि जनता की शिकायत का त्वरित निस्तारण डीएम की प्राथमिकताओं में है। शिकायत भर मिल जाए तो उसके समाधान के लिए बगैर देर किए वो गांव की पगडंडियों पर पहुंच जाते हैं। यही नहीं काम में लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को डीएम किसी कीमत पर छोड़ते नहीं। पखवारे भर पूर्व शिकायत पर उन्होंने बाजार शुकुल और महोना में बने हास्पिटल का जांच किया जहां डाक्टर नदारद तो हास्पिट्ल में गंदगी का अम्बार लगा देख डीएम ने डाक्टरों और कर्मचारियों के विरूद्ध तत्काल ऐक्शन लिया।
सोशल मीडिया पर इस तरह एक्टिव हैं डीएम
2011 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार की कार्य करने की शैली अन्य अधिकारियों से अलग है। डीएम ने जिले का चार्ज सम्भाला और फौरन ही वो सोशल मीडिया पर एक्टिव हुए। उन्होंने मीडिया और अधिकारियों के सीधे संवाद के लिए वाटस ऐप पर ग्रुप बनाया। बिजली से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और हर महकमे के अधिकारी को इसमें जोड़कर उन्हें मीडिया द्वारा विभागीय शिकायत पर जिम्मेदार बनाया। डीएम योगेश कुमार का कहना है भगवान के बाद अगर कोई दूसरा विधाता है तो वो किसान है, उनका कहना है वो सिर्फ अपना काम कर रहे हैं उन्हें जनता और समाज की सेवा के लिए यहां भेजा गया है।












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