इलाहाबाद यूनिवर्सिटी: क्लास करने आई छात्रा से कमरा बंद कर छेड़खानी, छात्र निष्कासित
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एक बार फिर छात्रा से छेड़खानी का मामला सामने आया है। मामले में शिकायत मिलते ही आरोपी छात्र को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। चीफ प्रॉक्टर ने छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ साथ छात्र का नामांकन भी निरस्त कर दिया है। बीएचयू की घटना के बाद से सतर्क हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का ऐलान पहले ही कर दिया था। अभी एक महीने पहले भी छेड़खानी का मामला सामने आया था। उस मामले में भी चीफ प्रॉक्टर ने छात्र का नामांकन निरस्त कर विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया था।

क्या है मामला
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में स्नातक की एक छात्रा का हिंदी एमए प्रथम वर्ष का छात्र सुधाकर यादव अपने कुछ साथियों के साथ कई दिनों से पीछा कर रहा था। कैंपस से लेकर घर आने जाने वाले रास्ते पर सुधाकर ने छात्रा का जीना मुश्किल कर दिया था। एक दिन पहले सुधाकर ने एफसीआई भवन के पास छात्रा रास्ता रोक लिया। विरोध पर सुधाकर ने मनचले दोस्तों के संग अश्लील कमेंट शुरू कर दिए। किसी तरह विरोध कर छात्रा एलएलटी तृतीय में क्लास करने पहुंची तो सुधाकर अपने दोस्तों संग वहां भी पहुंच क्लास का कमरा बाहर से बंद कर फिर से सुधाकर दबंगई दिखाने लगा। लेकिन इसके बाद भी सुधाकर नहीं सुधरा और हिंदी विभाग के पास छात्रा का हाथ पकड़ लिया. छात्रा और उसकी सहेलियों ने विरोध किया तो सुधाकर जूता उतार लिया और धमकी दी की कैम्पस में ही वह सभी को पीट कर बेइज्जत कर देगा।

चीफ प्रॉक्टर के कार्यालय भी पंहुचा
इतना सब होने के बाद सुधाकर का हौसला बढ़ गया. जब छात्रा अपने सहेलियों के साथ चीफ प्रॉक्टर कार्यालय शिकायत करने पहुंची तो सुधाकर वहां भी धमकाने पहुंच गया. चीफ प्रॉक्टर ने अपने सामने ही दबंगई देख तत्काल प्रभाव से सुधाकर को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया और नामांकन निरस्त करते हुए कर्लनगंज थाने में एफआईआर के लिए तहरीर दी। मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया की इस तरह के किसी भी मामले में किसी को बक्शा नहीं जायेगा। आरोपी सुधाकर यादव को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है. उसका नामांकन भी निरस्त कर दिया गया है। कानूनी कार्यवाही के लिए भी प्रक्रिया पूरी की गई है। छात्र छात्र को अपना पक्ष रखने के लिए 2 नवंबर को शाम चार से पांच बजे के बीच अपने पिता या संरक्षक के साथ आने को कहा गया है।












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