इलाहाबाद HC से CAA मामले में डॉ. कफील खान को बड़ी राहत, आपराधिक कार्यवाही रद्द
लखनऊ, 26 अगस्त: इलाहाबाद हाई कोर्ट से गुरुवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में सीएए विरोधी भाषण पर डॉ. कफील खान के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। उन्होंने 16 मार्च 2021 को अदालत में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट से कफील खान को बड़ी राहत मिली है।

दरअसल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को साल 2019 में एएमयू में सीएए अधिनियम के मुद्दे पर दिए गए एक कथित भड़काऊ भाषण से जुड़े एक मामले में तकनीकी आधार पर डॉ. कफील खान को राहत देते हुए आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। जस्टिस गौतम चौधरी ने डॉक्टर खान की इस दलील से सहमति जताते हुए बताया कि अलीगढ़ मजिस्ट्रेट के सामने आरोप पत्र दायर करने से पहले पुलिस ने यूपी सरकार की अनिवार्य पूर्व अनुमति नहीं ली थी। अब इस मामले को दोबारा स्थानीय कोर्ट में भेजकर सही प्रक्रिया के पालन करने का आदेश दिया है।
वहीं इलाहाबाद कोर्ट के आदेश के बाद खान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह भारत के लोगों के लिए एक बड़ी जीत है और न्यायपालिका में हमारे विश्वास को पुनर्स्थापित करता है। माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ यूपी सरकार की मनमानी सबके सामने आ गई है। वहीं उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले से हम यह भी उम्मीद करते हैं कि यह देशभर की जेलों में बंद सभी लोकतंत्र समर्थक नागरिकों एक उम्मीद देगा।
गौरतलब है कि खान पर कथित तौर पर एएमयू के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने और अपने 13 दिसंबर, 2019 के भाषण के जरिए सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। उन पर इसके अलावा धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया था। डॉक्टर को 29 जनवरी 2020 को गिरफ्तार किया गया था। पिछले सितंबर में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खान की लंबी हिरासत को अवैध बताया और जमानत पर उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया।












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