इलाहाबाद: सियासी रोड शो ने बदल दिये वोटों के समीकरण, जानिए कैसे?

यूपी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों के रोड शो से वोटों का समीकरण बदलता नजर आ रहा है। जिससे बीजेपी सहित सभी राजनीतिक दल जनता में अपनी-अपनी छाप छोड़ने में लगे हुए हैं।

इलाहाबाद। यूपी के इलाहाबाद में सियासी दलों के रोड शो ने राजनीतिक गलियारों में न सिर्फ उथल-पुथल मचा दी है। बल्कि वोटों का समीकरण भी बदलना तय माना जा रहा है। अमित शाह ने अपने भाषण में इलाहाबाद से ही सीएम की डगर की बात कहकर इलाहाबादियों में जोश भरा दिया था। साथ ही उस हवा को सहारा देने दिया जिसमें पीएम मोदी के एक्सपेरिमेंट ब्वॉय सिद्धार्थ नाथ सिंह को सीएम चेहरा बनाये जाने की बात कही जा रही थी। फिलहाल इलाहाबाद से संबंध रखने वालों में खुद केशव मौर्य और विनोद सोनकर भी आते हैं। माना जा रहा है कि भाजपा की सरकार बनी तो मंत्री मण्डल में इलाहाबाद नजर आयेगा।ये भी पढे़ं: अमेठी: गुरुवार को प्रियंका संग राहुल करेंगे जनसभा, अखिलेश का साथ छूटा तो कैसे 'यूपी को ये साथ पसंद'?

सपा-बसपा के बदलाव से बदले समीकरण

सपा-बसपा के बदलाव से बदले समीकरण

इलाहाबाद की शहर पश्चिमी सीट पर 10 साल कब्जा जमाये बसपा प्रत्याशी पूजा पाल अभी तक मजबूत नजर आ रही थी। सपा ने इलाहाबाद छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह को बतौर महिला प्रत्याशी उतार कर तीर निशाने पर छोड़ा था। लेकिन अब सिद्धार्थ के साथ सीएम पद की संभावनाओं ने समीकरणों को फिर से बदलना शुरू कर दिया है ।

अतीक समर्थकों की नजदीकी

अतीक समर्थकों की नजदीकी

शहर पश्चिम यूं तो बाहुबली अतीक अहमद का गढ़ है। लेकिन बाहुबली अतीक अहमद को सपा ने जिस तरह से किनारा किया है और अतीक जेल की हवा खा रहे हैं ऐसे में अतीक के समर्थकों के लिये मुफीद स्थान ढूंढ रहे हैं। पर्दे के पीछे नजर डाले तो सिद्धार्थ नाथ सिंह मुस्लिम मतदाताओ तक पहुंच बना रहे हैं। क्योंकि वह जानते हैं कि यह धड़ा पूजा पाल को किसी भी कीमत पर वोट नहीं करेगा। जबकि सपा से अतीक को लेकर नाराजगी तीसरे विकल्प की ओर इशारा करती है। अतीक समर्थकों को पूरा सम्मान व राजनैतिक संरक्षण तक का खाका तैयार किया गया है, जिससे संदेश यह है कि मुस्लिम वोट भले ही न करे लेकिन विरोध न करे। कल के रोड शो ने सिद्धार्थ का कद एकाएक बढाया है। हालांकि ऋचा के लिये अपने पारंपरिक वोट बचाये रखना बड़ी चुनौती होगी।

भाजपा ने खेला हर्ष वाजपयी पर दांव

भाजपा ने खेला हर्ष वाजपयी पर दांव

शहर उत्तरी विधान सभा सीट पर भाजपा ने अपना सबसे मजबूत कार्ड वाजपयी परिवार पर खेला है। हर्ष वाजपयी मैदान में भगवा दल लेकर आगे बढ रहे हैं। लेकिन कल राहुल-अखिलेश के रोड शो में मिले अपार जन समर्थन को देखकर यह सीट कांग्रेस के खाते में ही जाने के समीकरण दिखने लगे हैं। वैसे भी सपा-कांग्रेस गठबंधन का फायदा निश्चित तौर पर देखने को मिलेगा। इस सीट पर बसपा ने अमित को टिकट दिया जरूर है लेकिन कल शहर का रूख सपा-कांग्रेस गठबंधन और भाजपा के बीच द्वंद युद्ध का इशारा कर रहा था।

नंदी पर पड़ा रोड शो का अच्छा असर

नंदी पर पड़ा रोड शो का अच्छा असर

अमित शाह के रोड शो में जब जन सैलाब उमड़ा तो वह शहर दक्षिणी के प्रत्याशी नंद गोपाल गुप्ता नंदी के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाला था। ताबड़तोड़ बगावत से कमजोर हुये नंदी के लिये यह शो हाउसफुल रहा। चुनाव में पदुम और भाई कृष्ण गोपाल की कमी तो खलेगी लेकिन भीड़ कल सांत्वना देती नजर आई। मौजूदा विधायक हाजी परवेज अहमद इस वक्त गठबंधन के सहारे मजबूत हैं लेकिन रोड शो का जादू बदलते समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है। ये भी पढ़ें: पूर्वी यूपी में भाजपा के इस दांव से पार पाना मुश्किल है

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