BJP-BSP-SP के लिए खतरे की घंटी, एक साथ दिखे ओवैसी, राजभर और चंद्रशेखर; चुनाव से पहले नए सियासी समीकरण के संकेत

लखनऊ, 27 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के लिए खतरे की घंटी बज गई है। AIMIM चीफ ओवैसी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर की तस्वीरें एक साथ सामने आई है। इस तस्वीर ने यूपी के राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले चुनाव से पहले तीनों दलों के नेताओं का एक साथ दिखना बड़ी पार्टियों के लिए बड़ा संकेत हैं। हालांकि इस मुलाकात को लेकर तीनों दलों में से कोई बोलने को तैयार नहीं है।

राजभर

उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होना है। उससे पहले यूपी में नए समीकरण और नए गठबंधन की अटकलें रोज लगाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि कभी ओवैसी की पार्टी दावा करती है कि कोई भी दल उनसे हाथ मिलाने को तैयार नहीं है अगले ही दिन ओवैसी और राजभर की तस्वीरें एक साथ सामने आ जाती हैं। इन तस्वीरों को लेकर सियासी गलियारे में कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है। ओवैसी, राजभर और चंद्रशेखर की मुलाकात कब और कहां हुई इसकी जानकारी सामने नहीं आयी है लेकिन कुछ सूत्रों की ओर से बताया जा रहा है कि यह तस्वीर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम की है जहां तीनों पहुंचे थे।

तीनों एक साथ मिले तो बड़े दलों को होगा नुकसान
ओवैसी, ओम प्रकाश राजभर और चंद्रशेखर कीजो तस्वीर सामने आयी है उसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कार्यक्रमों में विरोधी नेताओं की मुलाकात होना स्वाभाविक बात है लेकिन यदि तीनों की मुलाकात निजी है तो आने वाले समय में यह यूपी में नया सियासी गुल खिला सकती है। तीनों पार्टियां यदि भागीदारी मोर्चा के तले एकजुट हुईं जैसा कि ओम प्रकाश राजभर दावा करते हैं तो बड़ी पार्टियों को नुकसान हो सकता है। भीम आर्मी की पकड़ पश्चिमी यूपी में दलित समुदाय में ज्यादा है और उनकी अपनी फैन फालोइंग भी है। यदि उनकी पार्टी भागीदारी मोर्चा में शामिल हुई तो बसपा के वोटों में बिखराव हो सकता है।

चंद्रशेखर

चंद्रशेखर ने पहले ही दिए थे गंठबंधन के संकेत
भीम आर्मी प्रमुख ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि हम दलितों के अधिकारों के लिए कड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव के लिए हमारा एकमात्र लक्ष्य गरीबों, दलितों को सत्ता में वापसी तय करना और उनके अधिकारों के लिए लड़ना है। हम यूपी की सभी 403 सीटों पर लड़ेंगे। गठबंधन को तैयार हैं चंद्रशेखर उत्तर प्रदेश में गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर भीम आर्मी प्रमुख ने कहा कि वह ऐसे किसी से भी हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं जो सभी के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए उनके आदर्शों के पैमाने पर खरा उतरता हो।

हालांकि सुभासपा से गठबंधन की अटकलों को लेकर एआईएमआईएम के यूपी चीफ शौकत अली ने कहा,

''जहां तक सुभासपा से यूपी में गठबंधन का सवाल है तो ओम प्रकाश राजभर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। वो कह चुके हैं कि हमारी पार्टी एआईएमआईएम के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी। कोई साथ नहीं लड़ेगा तो हम अकेले ही लड़ेंगे।''

राजभर

स्वतंत्रदेव से मुलाकात पर राजभर दे चुके हैं सफाई
2022 में उत्तर प्रदेश के अंदर विधानसभा चुनाव होने है। चुनावों को लेकर सत्ताधारी पार्टी भाजपा समेत सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए है। हालांकि, गठबंधन में जुटी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के बीच मुलाकातों का दौर अभी जारी है। इसी क्रम में मंगलवार 3 अगस्त को पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के मुलाकात की। करीब एक घंटे की इनकी मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में खलबली मच गई थी। हालांकि राजभर ने उस मुलाकात को भी शिष्टाचार मुलाकात बताया था।

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