'सास भी कभी बहू वाली तो हार गई', महिला आरक्षण पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने स्मृति ईरानी पर कसा तंज
Womens Reservation Bill: लोकसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन बिल पर 16 अप्रैल 2026 को जोरदार बहस हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण और परिसीमन के भाजपा के फैसले की आलोचना करते हुए भाजपा की पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर कटाक्ष किया।
परिसीमन बिल पर चर्चा करते हुए, अखिलेश यादव ने अपने भाषण में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करने के विचार पर टिप्पणी करते हुए कहा, "अगर आप सीट रिजर्व करा देंगे तो महिलाओं में आपस में ही कंपटीशन हो जाएगा। आपकी वो सास-बहू वाली तो हार गई।"

अखिलेश यादव ने स्मृति ईरानी पर क्यों कसा ये तंज?
याद रहे भाजपा की फायर ब्रैंड नेता स्मृति ईरानी एक टीवी एक्ट्रेस भी हैं और टीवी सीरियरल "सास भी कभी बहू थी" के जरिए घर-घर में तुलसी बहू के नाम से फेमस हुईं। इसके बाद स्मृति ईरानी ने राजनीति में एंट्री करते ही कांग्रेस के गढ़ अमेठी में चुनौती देकर 2019 में बड़ी जीत हासिल की थी और केंद्रीय मंत्री बनीं। लेकिन पिछले चुनावों में उन्हें यहां हार का सामना करना पड़ा।
अमेठी में मिली यह हार उनके लिए एक राजनीतिक झटका मानी गई, क्योंकि यह सीट उनकी पहचान से जुड़ गई थी। स्मृति ईरानी पर अखिलेश यादव ने जो लोकसभा में तंज कसा उसकी वीडियो थोड़ी ही देर में साेशल मीडिया पर शेयर किया जाने लगा है।
अखिलेश बोले- जनगणना हो,आंकड़ों के आधार पर ही परिसीमन किया जाए
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि भाजपा असल में महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहती। उन्होंने पिछड़े वर्ग की 33 प्रतिशत महिलाओं को उनका अधिकार नहीं दिए जाने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने परिसीमन की रणनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर ऐसे क्षेत्र बनाए हैं, जिससे उन्हें ही फायदा मिले। उन्होंने मांग की कि पहले जनगणना हो, और आंकड़ों के आधार पर ही परिसीमन किया जाए।
भाजपा "नारी को नारा बनाने" की कोशिश कर रही
अखिलेश यादव ने कहा हमारी समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है। उन्होंने डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के रास्ते पर चलने की बात कही, और कहा कि यह आरक्षण उनके आह्वान को और मजबूत करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कि भाजपा "नारी को नारा बनाने" की कोशिश कर रही है।
भाजपा शासित राज्यों में महिला सीएम ना होने पर उठाया सवाल
यादव ने सवाल उठाया कि जिस पार्टी ने अपने संगठन में नारियों को उचित स्थान नहीं दिया, वह उनके मान-सम्मान की रक्षा कैसे करेगी? उन्होंने देश में जेंडर इक्वालिटी की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। सपा प्रमुख ने भाजपा की 21 राज्यों में सरकार होने के बावजूद किसी भी महिला मुख्यमंत्री न होने की बात कहकर, उनकी कथनी और करनी का अंतर उजागर किया।'














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