अखिलेश यादव के सुरक्षा में कैसे हुई बड़ी चूक? बैरिकेड तोड़कर मंच तक पहुंचे युवक ने लहराया काला झंडा
Akhilesh Yadav security breach: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आज़मगढ़ दौरे के दौरान सुरक्षा में गंभीर चूक का मामला सामने आया है। गुरुवार को अखिलेश यादव जब पार्टी कार्यालय और अपने निजी आवास के भूमि पूजन के लिए कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, तभी एक युवक सभी सुरक्षा घेरों को तोड़ते हुए सीधे मंच तक पहुंच गया।
घटना से कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब अखिलेश यादव मंच पर मौजूद थे और पार्टी नेताओं के साथ बातचीत कर रहे थे, उसी दौरान एक युवक तेजी से मंच की ओर दौड़ पड़ा।

हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए करीब 5 मिनट की मशक्कत के बाद युवक को मंच के पास से हटाकर हिरासत में ले लिया।
युवक को फिलहाल थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है। खबर लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि युवक का उद्देश्य क्या था या वह कहां से आया था।
अखिलेश के विरोध में काले झंडे लहराए गए
आजमगढ़ में अखिलेश यादव के इस दौरे को लेकर विरोध भी देखने को मिला। ब्राह्मण महासभा और विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के खिलाफ अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराया। इन संगठनों ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने विगत सरकारों में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा की, और अब सपा का "न्याय" केवल एक वर्ग तक सीमित रहा है।
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हरिवंश मिश्रा ने अखिलेश यादव के इस दौरे को "राजनीतिक ड्रामा" बताते हुए कहा कि, "अखिलेश यादव का आजमगढ़ प्रेम केवल दिखावा है। जब सत्ता में थे, तब उन्होंने जनता के लिए कुछ नहीं किया।"
सपा कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
इस घटना से सपा कार्यकर्ता और समर्थक खासे नाराज़ दिखे। पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया, जिससे कार्यक्रम को बाधित किया जा सके और अखिलेश यादव को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जाए। कुछ कार्यकर्ताओं ने मंच के पास पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से नाराज़गी जताई और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भूमि पूजन में शामिल होने आए थे अखिलेश यादव
इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद अखिलेश यादव ने अपने कार्यक्रम को जारी रखा। वे समाजवादी पार्टी के नए ज़िला कार्यालय और अपने निजी निवास के लिए भूमि पूजन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की बात कही।
गौरतलब है कि आज़मगढ़ को सपा का परंपरागत गढ़ माना जाता है। जिले की 10 में से सभी विधानसभा सीटें समाजवादी पार्टी के कब्ज़े में हैं। यही कारण है कि अखिलेश यादव का यहां से भावनात्मक और राजनीतिक रिश्ता रहा है। वे खुद भी 2019 के लोकसभा चुनाव में इसी सीट से सांसद चुने गए थे, हालांकि 2022 में उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी।
वीवीआईपी सुरक्षा में लापरवाही पर उठे सवाल?
इस घटना ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब एक पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय पार्टी अध्यक्ष मंच पर हों और कोई व्यक्ति आसानी से सुरक्षा घेरा पार कर मंच के करीब पहुंच जाए, तो यह न केवल सुरक्षा की चूक है, बल्कि गंभीर चिंता का विषय भी है।
सवाल यह भी है कि क्या युवक महज़ उत्साही समर्थक था या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक या वैचारिक मंशा छिपी थी? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
अखिलेश यादव के इस दौरे में जिस तरह की सुरक्षा चूक सामने आई है, उससे साफ है कि स्थानीय प्रशासन को अपनी तैयारियों की समीक्षा करनी होगी। ऐसे दौरों में न केवल राजनीतिक गरिमा बल्कि नेताओं की सुरक्षा की भी अहम जिम्मेदारी होती है।












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