Akhilesh Yadav: करणी सेना की धमकी पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले- हमें नहीं सरकार को दी गई है चुनौती
Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के काफिले पर करणी सेना द्वारा किए गए हमले के बाद माहौल और भी तनावपूर्ण नजर आ रहा है। करणी सेना ने धमकी दी है कि अगर माफी नहीं मांगी गई तो सुमन के साथ अखिलेश यादव को भी घुटने पर बैठा देंगे।
सोमवार को सपा मुख्यालय में जब पत्रकारों ने इस पर सवाल किया तो अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह चुनौती दरअसल उन्हें नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री और डीजीपी को दी गई है। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमने तो लाल शर्ट वालों को अभी शांत कर रखा है।

अखिलेश ने यह भी कहा कि अगर समजवादी पार्टी कार्यकर्ता चाहते तो अब तक हालात कुछ और होते। उन्होंने साफ कहा कि सपा हिंसा का रास्ता नहीं अपनाती, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो जनता के हक की लड़ाई हर हाल में लड़ी जाएगी।
करणी सेना की धमकी पर अखिलेश का पलटवार
अखिलेश यादव ने कहा कि करणी सेना की धमकी सीधे तौर पर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने कहा कि अगर कानून का डर होता तो इस तरह की बयानबाजी और हमले नहीं होते। उन्होंने यह भी कहा कि हमला करने वालों का सीधा संबंध सत्ता के उच्च पदों से है।
सरकार के संरक्षण में हमलावरों को मिली छूट
रामजी लाल सुमन पर हुए हमले को लेकर अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमला बताता है कि प्रदेश सरकार दलितों की आवाज को दबाना चाहती है।
अखिलेश ने कहा कि सुमन उस गांव जा रहे थे जहां दलितों के साथ बर्बरता हुई थी। इसलिए सत्ता समर्थित ताकतें डराने और धमकाने का प्रयास कर रही हैं।
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि यूपी में बुलडोजर और थार जैसे प्रतीक जानबूझकर लोगों में भय पैदा करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं, वे अपने विरोधियों को कुचलने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस समय प्रदेश का हर वर्ग डरा और सहमा हुआ है।
दलितों की आवाज दबाने का प्रयास
सपा अध्यक्ष ने कहा कि रामजी लाल सुमन दलितों के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें धमकाया जा रहा है। कहा कि सरकार दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन सपा ऐसा नहीं होने देगी।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हमें लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितना दबाव बनाए, सपा पीछे हटने वाली नहीं है। हम संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।












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