ज्ञानवापी पर तेज हुई यूपी की सियासत, सीएम योगी के बाद बोले अखिलेश...'धर्म धमकी नहीं होता'
Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में एक इंटरव्यू के दौरान ज्ञानवापी का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर हम इसे मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा तो हमें इसे ज्ञानवापी ही कहना चाहिए। इतना ही नहीं, उन्हों कहा था कि ये देश मजहब से नहीं संविधान से चलेगा, जिसके बादअब प्रदेश की सियासत गरमा गई है।
अब सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बयान पर पलटवार किया है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि धर्म धमकी नहीं होता है। ये तो इंसान को मानवीय व्यवहार और आपसी सहनशीलता को सिखाने का रास्ता है।

अखिलेश यादव ने मंगलवार 1 अगस्त को ट्वीट करते हुए करते हुए लिखा, 'धर्म जीवन के साथ ही, मानवीय व्यवहार, सामाजिक सहनशीलता, व्यक्तिगत सकारात्मक उत्थान और चतुर्दिक सह अस्तित्व सिखाने का भी मार्ग है। धर्म लिबास से नहीं विचार-आचार से प्रकट होना चाहिए। धर्म धमकी नहीं होता।'
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इतना ही नहीं, अखिलेश यादव ने कहा कि हरियाणा की हिंसा, मणिपुर के बाद 'डबल इंजन' सरकार की नाकामी का एक और उदाहरण है। सरकार के रूप में भाजपा का इंजन फ़ेल हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि 'ये देश संविधान से चलेगा, ना कि मजहब से।'
वहीं, सोमवार 31 जुलाई को एएनआई से बातचीत के दौरान कहा था कि अगर हम इसे मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा तो हमें इसे ज्ञानवापी ही कहना चाहिए। मस्जिद के अंदर 'त्रिशूल' क्या कर रहा है? हमने तो इसे वहां नहीं रखा ना। अंदर सुरक्षा है, केंद्रीय बल हैं वहां एक 'ज्योतिर्लिंग' है, देवताओं की प्रतिमाएं हैं।
आप इतिहास को तोड़-मरोड़ सकते हैं, लेकिन दीवारों पर मौजूद ऐतिहासिक साक्ष्यों को नहीं। मुझे लगता है कि मुस्लिम पक्ष की ओर से भी यह प्रस्ताव आना चाहिए कि ऐतिहासिक गलती हुई है और उन्हें इसका समाधान निकालना चाहिए। इस बयान पर विपक्ष हमलावर हो गया। अखिलेश यादव ने पलटवार किया है।












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