सुब्रत रॉय के निधन पर अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि, बोले- वो विशाल हृदय के व्यक्ति थे
सहारा ग्रुप के संस्थापक सुब्रत रॉय का मंगलवार को निधन हो गया। सुब्रत राय काफी दिनों से बीमार थे और मुंबई उनका इलाज चल रहा था। सुब्रत रॉय के निधन पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुख जाहिर किया है। अखिलेश यादव ने सुब्रत रॉय को विशाल हृदय वालाब बताया है।
अखिलेश यादव ने कहा सहारा श्री सुब्रत रॉय जी का निधन उत्तर प्रदेश और देश के लिए भावात्मक क्षति हैं क्योंकि वो एक अति सफल व्यवसायी के साथ-साथ एक ऐसे अति संवेदनशील विशाल हृदयवाले व्यक्ति भी थे जिन्होंने अनगिनत लोगों की सहायता की उनका सहारा बने। भावभीनी श्रद्धांजलि!

सहारा ग्रुप की ओर से बयान जारी करके मंगलवार शाम सुब्रत रॉय के निधन की जानकारी दी गई थी। जिसमे कहा गया था कि सहाराश्री जी एक प्रेरणादायक, दूरदर्शी लीडर थे। उनका 14 नवंबर की रात 10.30 बजे दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट में 12 नवंबर को भर्ती हुए थे।
सुब्रत रॉय का 10 जून 1948 को बिहार के अररिया में जन्म हुआ था। वह दिग्गज उद्योगपति थे, उन्होंने देशभर में एक बड़ा उद्योग खड़ा किया था। फाइनेंस, रियल स्टेट, मीडिया, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में उन्होंने बहुत बड़ा उद्योग खड़ा किया था।
गोरखपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने गोरखपुर से ही सहारा फाइनेंस की 1976 में शुरुआत की, यह एक चिट फंड कंपनी थी। 1978 तक उन्होंने इस कंपनी को सहारा इंडिया परिवार में बदल दिया, जोकि भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनकर उभरी।
एक वक्त सहारा भारत में भारतीय रेलवे के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली कंपनी बन गई थी। कंपनी में 1.2 मिलियन कर्मचारी थे। कंपनी का दावा था कि उसके साथ 9 करोड़ निवेशक हैं, जोकि भारत के एक बड़े तबके से आते हैं।
वर्ष 2014 में सुब्रत रॉय को कानूनी चुनौतियों को सामना करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया। सेबी के साथ विवाद के बाद पेश नहीं होने पर कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया था।
जिसके बाद एक लंबी कानूनी लड़ाई शुरू हुई, जिसके बाद रॉय को तिहाड़ जेल जाना पड़ा। दरअसल सेबी ने सहारा को आदेश दिया था कि वह निवेशकों का पैसा वापस करें।












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