उत्तर प्रदेश में उपचुनाव से पहले अखिलेश यादव का बड़ा बयान, कहा-'इंडिया गठबंधन बरकरार, मिलकर लड़ेंगे चुनाव'
UP News: समाजवादी पार्टी के प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन की एकजुटता की पुष्टि करते हुए आगामी उपचुनावों में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है। जिनमें विपक्षी INDIA ब्लॉक के भीतर मतभेदों की बातें कही जा रही थीं।
अखिलेश यादव ने अपने दिवंगत पिता और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान यह साफ किया कि INDIA ब्लॉक उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से एकजुट है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उपचुनावों में साथ मिलकर मैदान में उतरेंगी।

यह बयान ऐसे समय आया है। जब यूपी में छह महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने वाले हैं। जिनमें करहल और फूलपुर जैसी प्रमुख सीटें शामिल हैं। इस संदर्भ में कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी की आशंका जताई थी। लेकिन अखिलेश के बयान ने स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
हालांकि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने इस फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवारों की घोषणा से पहले INDIA ब्लॉक की समन्वय समिति से परामर्श नहीं किया। इसके बावजूद पांडे ने गठबंधन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि INDIA गठबंधन की समन्वय समिति जो भी निर्णय लेगी। उसे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूरी तरह से स्वीकार करेगी। यह बयान दर्शाता है कि शुरुआती संवादहीनता के बावजूद कांग्रेस गठबंधन को मजबूत रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उपचुनावों को लेकर भाजपा की तैयारियों पर आत्मविश्वास जताया। मौर्य ने कहा कि भाजपा बूथ से लेकर विधानसभा स्तर तक पूरी तैयारी कर रही है। हमें न केवल अपनी सीटों पर फिर से कब्जा करने का भरोसा है। बल्कि समाजवादी पार्टी के नियंत्रण वाली सीटों पर भी जीत हासिल करने का पूरा विश्वास है।
उत्तर प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले उपचुनाव में गाजियाबाद, मीरापुर और फूलपुर सहित दस विधानसभा सीटें शामिल हैं। इन उपचुनावों को राज्य की जनता की भावना और राजनीतिक दिशा का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है। जिससे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी के साथ साझेदारी बनी रहेगी। राय का यह बयान विपक्षी दलों के बीच एकजुटता का संदेश देता है। जो भाजपा के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने के लिए तैयार हैं।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उत्तर प्रदेश में शुरुआती संवादहीनता और संदेहों के बावजूद आगामी उपचुनावों को एकजुट होकर लड़ने के लिए तैयार हैं। यह विपक्षी दलों के बीच एकता और भाजपा के खिलाफ मोर्चाबंदी के उनके सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। उपचुनाव भाजपा के खिलाफ विपक्ष की ताकत और राजनीतिक दिशा को दिखाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।












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