अखिलेश की "विजय यात्रा" में मुलायम को नहीं मिली जगह, BJP ने ली चुटकी, कहा- किसी की तस्वीर लगाना भूल गए हैं आप
लखनऊ, 05 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। कुछ दिनों पहले पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि सभा में न जाकर अखिलेश ने विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया था। लेकिन इस बार उनकी अपनी ही गलती उनपर भारी पड़ गई है। दरअसल अखिलेश यादव 12 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में विजय यात्रा निकालने जा रहे हैं। इस यात्रा को लेकर सपा के फेसबुक पेज पर एक पोस्टर भी जारी किया गया है। इस पोस्टर में समाजवादी पार्टी ने सारे समाजवादियों को तो जगह दी है लेकिन इसमें अखिलेश के पिता मुलायम सिंह की तस्वीर गायब है। अब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पोस्टर को ट्वीट करते हुए कहा है कि अखिलेश जी जरा गौर से देखिए लगता है इस पोस्टर में कुछ छूट गया है।

इस बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने समाजवादी पार्टी की ओर से जारी किए गए पोस्टर को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि, @yadavakhilesh जी, इस पोस्टर में आप किसी की तस्वीर लगाना भूल गए है शायद, अपनी जीवन यात्रा को मस्तिष्क में रख कर प्रयास करिए याद आ जाएगा।
सपा ने फेसबुक पेज पर जारी किया है अखिलेश की यात्रा का पोस्टर
दरअसल अखिलेश यादव 12 अक्टूबर से पूरे यूपी में एक यात्रा निकालने जा रहे हैं जिसको विजय यात्रा का नाम दिया गया है। इस यात्रा को लेकर पार्टी की तरफ से काफी तैयारियां की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि ले प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों के साथ हो रहीं घटनाओं का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। प्रदेश स्तर पर सूची तैयार होगी, जबकि जिलों में स्थानीय स्तर की घटनाओं को शामिल कर जनता तक पहुंचाया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिला कमेटियों को कहा गया है कि पुलिस उत्पीड़न, हिरासत में मौत, पुलिस की गोली लगने से हुई मौत जैसी घटनाओं को चिन्हित किया जाए ताकि यात्राओं के दौरान इसको शामिल किया जा सके।

कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि न देकर विपक्ष के निशाने पर आए थे अखिलेश
हाल ही में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री कल्याण सिंह का निधन हुआ था जिसके बाद समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव श्रद्धांजलि देने उनके आवास नहीं पहुंचे थे। हालांकि उन्होंने शोक संदेश और ट्वीट के जरिए अपनी संवेदनाएं प्रकट की थीं और कल्याण सिंह को एक कुशल प्रशासक भी बताया था। लेकिन अब विपक्ष इस बात को मुद्दा बनाने में जुटा है कि जब मायावती उनके आवास श्रद्धांजलि देने पहुंच सकती हैं तो फिर अखिलेश क्यों नहीं पहुंचे, इसका जवाब उन्हें पिछड़ों को देना होगा।
बीजेपी के नेताओं ने इस मामले को लेकर अखिलेश पर चौतरफा हमला बोला था और इसे पिछड़ों का अपमान बताया था। वहीं, समाजवादी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा था कि बीजेपी हमेशा ही नफरत की राजनीति करती रही है। उसे पिछड़ों से कोई लेना देना नहीं है वो तो अपना मकसद साधने के लिए कल्याण सिंह का सहारा ले रही है।












Click it and Unblock the Notifications