एक दशक से चल रहे बर्रु-बच्चा गैंगवार की भेंट चढ़े निराला के पौत्र अखिलेश
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में पिछले एक दशक से बर्रु - बच्चा गैंग के बीच गैंगवार आखिरकार निराला के पौत्र की भी मौत की वजह बन गई। इस गैंगवार में अभी तक जानें जा चुकी हैं। कई मुकदमे भी लिखे गए, लेकिन दोनों गैंग में कत्लेआम नहीं रुका। उसका नतीजा यह रहा कि इनकी आपसी दुश्मनी में निर्दोष अखिलेश त्रिपाठी की जान चली गई। अखिलेश की जान की कीमत भले निराला जी की प्रसिद्धि से मापी जा रही हो। लेकिन यहां असली नाकामी कानून व्यवस्था की है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नामी कर्मचारी नेता
अखिलेश त्रिपाठी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नामी कर्मचारी नेता रहे। उनकी बुद्धिजीविता और सजीवता में लोग निराला जी को देखा करते थे। अखिलेश शहर के तमाम बड़े कार्यक्रम में शिरकत करते। उनकी अगुवाई करते। अपने मिलनसार स्वाभाव के चलते वह खासे लोकप्रिय थे। साहित्यिक मंच पर भी कभी कभी उनकी मौजूदगी दिखती थी।

कैसे हुई हत्या
बुधवार की सुबह अखिलेश सब्जी लेने के लिए दारागंज मंडी गए हुए थे। उसी समय सब्जी मंडी में मौजूद बर्रु की हत्या के गवाह गगन को मारने बदमाश पहुंचे थे। ताबड़तोड़ गोलियां चली और बम फेंके गए। पूरी मंडी में चीख पुकार मच गई। हर तरफ लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे। चारों तरफ धुआं फैल था और धुंध में ही हमलावर भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि बमबाजी में इस कदर धुआं फैला था कि हमलावर जब भागने लगे तो कोई उनका चेहरा भी नहीं देख सका।

फुल प्रूफ था प्लान
दरअसल, यह सारा खेल बर्रु और बच्चा महरा के बीच चल रही गैंगवार का हिस्सा था। बर्रु की हत्या के बाद दर्ज मुकदमे में बर्रु गैंग के गगन को गवाही देनी थी। गगन की मौत का मतलब था, कि बच्चा इस मामले में बच निकलता। इसी के चलते हमले का प्लान बना और रेकी शुरू हुई। गगन रोज सब्जी मंडी जाता था। वहीं उसे मारने का प्लान बना। भीड़भाड़ वाले इलाके से बच निकलने के लिये बमबाजी का भी प्री प्लान था। लगभग दस दिन रेकी के बाद बदमाशों ने बुधवार को वारदात को अंजाम दिया। जमकर गोलियां तड़तड़ाने के बाद बम चलाए गए। इससे जो भी आसपास था जद में आता गया।

गगन ने भी चलाई गोली
पुलिस के अनुसार घटना के समय गगन ने भी अपनी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायर किया और अपने बचाव में भीड़ की ओर भागा। बताया यह जा रहा है किया दूसरी ओर भी बदमाश थे। उधर से भी फायर हुआ है। घटना के समय अखिलेश त्रिपाठी भी गगन के पास ही सब्जी खरीद रहे थे और बम का शिकार हुए।

क्या कह रहे अधिकारी
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की तीन टीम लोगों की मदद ले रही है। घटना स्थल से दो किलोमीटर की परिधि के सभी सीसी टीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द हम शूटरों तक पहुंच जाएंगे। नैनी जेल में बच्चा मेहरा उसके बेटे अरविंद और पिंटू से पूछताछ की जा रही है। इन तीनों से पिछले एक साल के दौरान मुलाकात करने वालों का ब्योरा भी लिया गया है। साजिश जेल में रची गई है। भाड़े पर शूटर को सुपारी दी गयी थी। दो महिलायें भी घायल हुई हैं। दोनों की हालत ठीक है।












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