योगी को देना होगा अखिलेश की मनमानी का जवाब, HC के इस आदेश पर मच सकता है बवाल!
इस आदेश पर भीमराव अम्बेडकर ग्रंथालय एवं जन कल्याण समिति ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा की संविधान के मुताबितक अखिलेश सरकार को ऐसा करने की आजादी नहीं थी।
इलाहाबाद। सूबे की योगी सरकार को अब सपा सरकार की दी सुविधाओं का जवाब देना होगा। जिसके क्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा सरकार में 17 OBC जातियों को SC जाति की सुविधाएं देने पर योगी सरकार से जवाब मांगा है। अब सरकार को 8 सप्ताह में जवाब देना है। संभव है की अखिलेश सरकार की इस सुविधा को हाईकोर्ट खत्म कर दे।

गौरतलब है की उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 17 OBC जातियों को SC जाति की श्रेणी में शामिल करने का फरमान जारी किया था। जिससे SC जाति को मिलने वाली सुविधा इन चुनिंदा OBC जाति के लोगों को आधिकारिक तौर पर मिल जाती। इस आदेश पर भीमराव अम्बेडकर ग्रंथालय एवं जन कल्याण समिति ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा की संविधान के मुताबितक अखिलेश सरकार को ऐसा करने की आजादी नहीं है। ये अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। ऐसे में अखिलेश सरकार का ये फैसला रद्द किया जाए।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ कर रही है सुनवाई
याचिका स्वीकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले व न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई शुरू की और राज्य सरकार व पक्षकारों से आठ हफ्ते में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने सुविधा के तहत प्रमाण पत्र प्राप्त लोगों को भी पक्षकार बनाने की छूट देते हुए स्पष्ट किया की जिन्हें प्रमाण पत्र जारी हो चुका है, जो याचिका के निर्णय के अधीन होगा।
इन OBC जातियों को मिला था लाभ
सूबे की अखिलेश सरकार ने 17 पिछड़ी जातियों को एससी कैटेगरी की सुविधा दी थी। जिसमें कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़ियां, माझी, मछवाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर व राजभर शामिल हैं।












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