अखिलेश ने बनाई कल्याण से दूरी, अपर्णा ने रिश्तों को दी तरजीह; मामला गरमाया तो शिवपाल ने पकड़ी अलीगढ़ की राह
लखनऊ, 26 अगस्त: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राम मंदिर के नायक कल्याण सिंह के अंतिम संस्कार में न जाकर विपक्ष के आरापों से घिरे हुए हैं। हालांकि विपक्ष आरोप लगा रहा है कि मुलायम परिवार कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने इसलिए नहीं गया क्योंकि उन्हें मुसलमान वोट बैंक की चिंता सता रही थी। विपक्ष के बढ़ते हमलों के बीच मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने बुधवार को अलीगढ़ जाकर कल्याण के परिजनों से मुलाकात की थी। हालांकि इस बीच यह भी जानकारी सामने आयी है कि मुलायम की बहू अपर्णा यादव ने कल्याण सिंह को उनके आवास जाकर श्रद्धांजलि दी थी और योगी सरकार के साथ अपने रिश्तों का भरपूर खयाल रखा था।

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और ओबीसी के बड़े चहरे कल्याण सिंह की 21 अगस्त को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद 22 अगस्त को पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व सीएम मायावती, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेताओं ने उनके आवास जाकर अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी थी। लेकिन वहां पूर्व सीएम अखिलेश नहीं पहुंचे थे। हालांकि यह बात सामने आई है कि 22 अगस्त को सुबह पूर्व सीएम मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव कल्याण सिंह के आवास 2 मॉल एवेन्यू पहुंचीं थीं। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी थी और करीब आधे घंटे तक परिवार के साथ रहीं थीं।
जगजाहिर हैं अपर्णा और योगी सरकार के रिश्ते
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव और सीएम योगी के बीच अच्छे रिश्ते हैं। वह कई बार योगी से मिल चुकी हैं और सार्वजनिक मंचों से भी योगी और मोदी के कई कामों की तारीफ भी कर चुकी हैं। योगी सरकार ने अपर्णा को वाई कैटेगरी की सुरक्षा भी प्रदान की है। अपर्णा बिष्ट यादव लखनऊ की कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2017 में विधानसभा लड़ चुकी हैं। शास्त्रीय संगीत में निपुण अपर्णा मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं और इनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट बड़े पत्रकार रहे हैं।

अर्पणा ने किया था CAA का समर्थन, कई मंचों पर कर चुकी हैं योगी की तारीफ
मुलायम सिंह की बहू अपर्णा ने नागरिकता संसोधन कानून (CAA) का समर्थन भी किया था। उन्होंने कहा था कि जो भारत का है, उसे रजिस्टर होने में समस्या क्या है? वहीं, एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने नागरिकता संशोधन कानून पर सरकार को घेरते हुए इसे भारत और संविधान का अपमान बताया था। इससे पहले भी जब यूपी में बीजेपी की सरकार बनी थी तब अपर्णा ने योगी सरकार के काम की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि योगी सरकार अच्छा काम कर रही है। अपर्णा ने कहा था कि एक बार ही निवेदन करने पर योगी कान्हा उपवन पहुंच गए थे, यह उनकी सहजता थी।

शिवपाल अलीगढ़ जाकर की परिवार से मुलाकात
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव भी 22 अगस्त को कल्याण सिंह के आवास पर श्रद्धांजलि देने नहीं पुहंचे थे लेकिन बुधवार को अलीगढ़ स्थित कल्याण के पैतृक आवास शिवपाल पहुंचे थे। यहां उन्होंने कल्याण सिंह के परिजनों से मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि सपा पर विपक्ष के हो रहे तीखे हमलों के बाद शिवपाल ने अपने बचाव में यह कदम उठाया है। शिवपाल ने हालांकि कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने में इतनी देर क्यों लगाई यह सोचने वाली बात है। क्या शिवपाल को भी इस बात का डर सता रहा था कि विपक्ष उनपर भी पिछड़ा विरोधी होने का आरोप लगा सकता है।
शिवपाल को बंगले का तोहफा दे चुके हैं योगी
शिवपाल सिंह यादव की सीएम योगी आदित्यनाथ से भी नजदीकियां जगजाहिर हैं। हालांकि वह लखनऊ में कल्याण सिंह के आवास तो नहीं गए लेकिन अलीगढ़ जाकर उन्होंने इसकी कमी पूरा करने की कोशिश की। लखनऊ में हालांकि शिवपाल कई बार योगी से मिल चुके हैं और भाजपा के कई नेता भी शिवपाल की तारीफ कर चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले योगी सरकार ने शिवपाल को खुश करने के लिए वह बंगला एलाट कर दिया था जो मायावती को मिला हुआ था। इसकी सियासी गलियारे में काफी चर्चा हुई थी।
हालांकि इस मामले को लेकर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता आनंद दुबे कहते हैं,
'' अखिलेश ने कल्याण सिंह के संस्कार में न शामिल होकर अपनी मानसकिता का परिचय दिया है। वोट बैंक के लालच ने उनको वहां जाने से रोक दिया। अच्छी बात है कि अपर्णा यादव श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं। शिवपाल भी अलीगढ़ गए अच्छी बात है लेकिन यह काम उन्हें बहुत पहले ही कर लेना चाहिए था।''












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