राम मंदिर निर्माण के बाद कुंभ में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी सरकार; CAG रिपोर्ट को खंगालने में जुटे अधिकारी
लखनऊ, 26 अगस्त: उत्तर प्रदेश में जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे योगी सरकार जहां हिन्दुत्व का कार्ड खेलने से कोई मौका नहीं चूक रही है वहीं विपक्ष भी सरकार को उन्हीं मुद्दों पर घेरने पर फोकस कर रहा है जो जनता के साथ धर्म और आस्था से जुड़ा हुआ हो। विपक्ष ने कुछ दिनों पहले राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर आरोप लगाया था कि अयोध्या में जमीनों की खरीद में फर्जीवाड़ा हो रहा है। यह मामला संघ के आला अधिकारियों तक पहुंच गया था और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को अपनी सफाई देनी पड़ी थी। अब विधानसभा सत्र के दौरान सदन में पेश की गई कैग की रिपोर्ट ने विपक्ष को मुद्दा दे दिया है। कैग की रिपोर्ट में वर्ष 2019 में प्रयागराज में हुए कुंम्भ में अनियमितताओं का जिक्र किया गया है। चूंकि यह भी राम मंदिर की तरह की करोड़ों हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा है इसलिए विपक्ष सरकार पर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहा है।

प्रयागराज में कुंभ मेला 2019 के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की व्यवस्थाओं पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने एक रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में सैकड़ों करोड़ रुपये की अनियमितताओं को उजागर किया हैं, जिसमें टेंट और अस्थायी संरचनाओं के भुगतान से लेकर अस्थायी शौचालयों की खरीद, एलईडी लाइटों की स्थापना और आपदा राहत कोष से धन का उपयोग शामिल है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार कुम्भ 2019 से संबंधित कार्यों की तृतीय पक्ष पूछताछ भी की गयी, लेकिन अन्य कार्यों की कोई रिपोर्ट संबंधित विभाग द्वारा जांच एजेंसी को उपलब्ध नहीं करायी गई। कई स्तरों पर, रिपोर्ट नियमों की अनदेखी और परिणामी अनियमितताओं को उजागर करती है।
कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कुंभ में जिस तरह से भ्रष्टाचार का खुलासा कैग की रिपोर्ट में हुआ है उससे सरकार को तुरंत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। योगी सरकार हिन्दुओं से जुड़े आस्था कार्यक्रमों को भी नहीं बक्श रही है। हर जगह भ्रष्टाचार हो रहा है। कुंभ में भी व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ जिसकी जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।

कैग रिपोर्ट का अध्ययन करने में जुटा है सीएम कार्यालय
CAG रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद से, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यालय निष्कर्षों का अध्ययन कर रहा है। इसके बाद संबंधित विभागों से जवाब मांगा जाएगा। जिन विभागों में गड़बड़ियां सामने आएंगी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कीज जाएगी। इस मामले को लेकर सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि,
''विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए अब वो आस्था से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है। 2019 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था। इस आयोजन को गिनिज बुर्क ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली थी। पूरे विश्व में इसकी प्रशंसा हुई थी। लेकिन विपक्ष तो आलोचना में ही लगा हुआ है। पहले उन्होंने राम मंदिर का मामला उठाया और अब कुंभ पर फोकस कर रहे हैं।''
CAG रिपोर्ट: कुंभ 2019 की तैयारियों में गड़बड़ी
- कुंभ मेला अधिकारी (कुंभ मेला के प्रभारी अधिकारी) ने अन्य विभागों द्वारा किए गए कार्यों की रिपोर्ट सीएजी की जांच एजेंसी को नहीं दी।
- टेंट और अन्य अस्थायी निर्माण के लिए क्रियान्वयन एजेंसियों ने 231.45 करोड़ रुपये के बिल जमा किए। हालांकि, केवल 143.13 करोड़ रुपये देय पाए गए।
- आवश्यक कागजी कार्रवाई के साथ उचित प्रशासनिक चैनलों के माध्यम से निष्पादित किए जाने के बजाय कुंभ मेला अधिकारी के मौखिक आदेश पर कई कार्य किए गए; यह नियमों के खिलाफ है।
- 21.75 करोड़ रुपये में खरीदे गए टेंट और फर्नीचर का विवरण उपलब्ध नहीं है। (हालांकि, पूछताछ के समय तक, इन बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।
- 32.5 लाख रुपये में खरीदे गए 10 ड्रोन कैमरे खराब गुणवत्ता के कारण इस्तेमाल नहीं किए जा सके।
- सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए उपरिव्यय प्रभार 2.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया गया। इससे लागत 2.68 करोड़ रुपये बढ़ गई।
- राज्य के लोक निर्माण विभाग ने एलईडी लाइटों की कीमत 10,500 रुपये निर्धारित की थी, लेकिन राज्य नगर निगम ने 22,650 रुपये की कीमत बताई। नतीजतन, प्रति एलईडी लाइट के लिए 16,589 रुपये का भुगतान किया गया, जिससे लागत में 32.11 लाख रुपये की वृद्धि हुई।
- ठेकेदारों को सड़क निर्माण कार्य के लिए छोटी-छोटी गारंटियां जमा करने की अनुमति देकर कुल 2.40 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया।
- बैरिकेड्स लगाने के लिए विभागों के बीच दरों में अंतर के कारण 3.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च हुआ।

AAP ने लगाया सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप
आप सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि कैग की रिपोर्ट के अनुसार, कुंभ के आयोजन के लिए आवंटित 2,700 करोड़ रुपये के खर्च में "भारी अनियमितताएं" हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑडिट में पाया गया कि इस फंड से खरीदे गए 32 ट्रैक्टर कारों, मोपेड और स्कूटर की संख्या के तहत पंजीकृत थे। उन्होंने कहा कि,
'यह एक छोटा सा उदाहरण है, लेकिन इसके आधार पर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कुंभ के नाम पर कितना भ्रष्टाचार हुआ। संजय सिंह ने कहा कि,
"अयोध्या में राम मंदिर हो या प्रयागराज में कुंभ, भाजपा भ्रष्टाचार में लिप्त होने का कोई मौका नहीं जाने दे रही है। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा से कहना चाहता हूं कि कम से कम धर्म को तो बक्श दें।''
After the construction of Ram temple, now the government surrounded by allegations of corruption in Kumbh; Officers studying CAG report, answers will be sought f












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