जिन्ना के बाद अखिलेश यादव ने क्यों दिया 'चीलमजीवी' वाला बयान, जानिए क्यों गुस्से में है संत समाज
लखनऊ, 19 नवंबर: उत्तर प्रदेश में चुनाव काफी नजदीक है लेकिन चुनाव से पहले एक दूसरे पर टिप्पणी करने का दौर थम नहीं रहा है। योगी आदित्यानाथ ने कुछ महीने पहले ही विधानसभा में अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए अब्बाजान वाला बयान दिया था। उसके बाद अखिलेश ने उन्हें नसीहत दी थी कि मुख्यमंत्री को इस तरह के बयान शोभा नहीं देते। अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में गाजीपुर रैली के दौरान भगवाधारी संतों के लिए चिलमजीवी शब्द का इस्तेमाल किया था। भगवा राजनीति में संतों का अपमान अखिल भारतीय संत समिति को पसंद नहीं आया है। अखिलेश की इस बात से वे काफी नाराज हैं। कमेटी ने अखिलेश यादव को माफी मांगने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि पिछले कई बार भगवा से जुड़ी राजनीति में विभिन्न राजनेता अक्सर भगवाधारी संतों को घसीटते रहे हैं। इसको लेकर पूर्व में भी कई बार संत समुदाय की ओर से चिंता व्यक्त की जा चुकी है। अब अखिलेश के इस बयान के बाद इस सनातनधर्मी को एक बार फिर ठेस पहुंची है और इस बार उनका गुस्सा काफी बढ़ गया है।अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्रानंद सरस्वती ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, 'अखिलेश यादव के इन अपशब्दों से पूरे देश का संत समुदाय बहुत नाराज है। उन्हें अपने शब्दों के लिए संत समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
जितेंद्रानंद ने कहा कि भगवा और सनातन धर्म को देश की राजनीति में घसीटना बिल्कुल गलत है और हम इसके बारे में पहले भी कई बार बोल चुके हैं। यदि ऐसे ही सनातनियों का अपमान होता रहा तो संतों के क्रोध का जन-विरोध के रूप में सामना करना पड़ सकता है। राजनेताओं का यह बार-बार अपमान अब अपनी सीमा पार कर रहा है और इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के लिए संतों का अपमान कर रहे अखिलेश
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी जैसे नेता अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के कारण ही सनातन धर्म के खिलाफ इस तरह की ओछी टिप्पणी कर रहे हैं। स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने अखिलेश यादव और उनके प्रवक्ताओं से संतों का "अपमान" करने के लिए पूरे संत और सनातन समाज से तुरंत माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव माफी नहीं मांगते हैं तो संत समाज पूरे देश में सक्रिय रूप से घर-घर जाकर उनके खिलाफ जन समर्थन की अपील करेगा।

यूपी बीजेपी अध्यक्ष ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
भाजपा यूपी प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह ने भी समाजवादी पार्टी के नेता को फटकार लगाते हुए कहा कि कांग्रेस, सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सहित पूरे विपक्ष ने हमेशा "भगवा" रंग और "द्रष्टाओं और संतों" का अपमान किया है। कार्यक्रम के एक वीडियो को ट्वीट करते हुए भाजपा नेता ने हिंदी में लिखा है, "भगवा सूर्य के तेज का रंग है, केसरिया सुख और शांति का प्रतीक है। क्या आप इस रंग से इतने डरते हैं? फैलाने का काम करते हैं। हिंदू संतों और संतों के प्रति नफरत जोरों पर है।"
अखिलेश ने खेला था जिन्ना कॉर्ड
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अखिलेश ने अमित शाह के कैराना याद दिलाने के बाद अब हरदोई में जिन्ना का याद कर बीजेपी को उसी की भाषा में जवाब देने का प्रयास किया। अखिलेश ने कहा कि सरदार पटेलजी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना एक ही संस्थान में पढ़कर बैरिस्टर बने। वे एक ही स्थान पर पढ़ते थे। वे बैरिस्टर बने, हमें आजादी दिलाई। वे किसी भी तरह के संघर्ष से पीछे नहीं हटे। एक विचारधारा थी जिसका सरदार पटेल जी ने विरोध किया था। आज वही लोग जो देश को एक करने का दावा करते हैं, आपको और मुझे जाति और धर्म के आधार पर बांट रहे हैं। अगर हम बंट गए तो हमारा देश क्या होगा? एक विशेषता जो हमारे देश के लिए अद्वितीय है वह है विविधता में एकता।












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