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BSP से निष्कासन के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जारी की चिट्ठी, मायावती-सतीश मिश्रा पर किया पलटवार

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा है कि मेरे 34-35 साल के कुर्बानी का सिला पार्टी नेतृत्व की ओर से दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंने मिशन के लिए खास तौर से कई बार कुर्बानी दी।

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी से निकाले जाने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पत्र जारी करके पार्टी हाईकमान के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही उन्होंने इस पत्र के जरिए मायावती और सतीश चंद्र मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

BSP से निकाले जाने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने फोड़ा 'चिट्ठी' बम

नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे अफजल सिद्दीकी को बुधवार सुबह ही पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित किया गया था। इस फैसले के खिलाफ नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पत्र जारी करके जवाब दिया है।

'मुझ पर लगे आरोप झूठे और तथ्यहीन'

'मुझ पर लगे आरोप झूठे और तथ्यहीन'

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा है कि मैं लखनऊ से बाहर किसी काम से आया हूं जब मुझे पता चला कि मुझे पार्टी से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं वो झूठे और तथ्यहीन हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो आरोप मुझ पर लगाए गए हैं मैं ये आरोप मायावती और उनकी कंपनी पर साबित करूंगा।

मायावती पर लगाए गंभीर आरोप

मायावती पर लगाए गंभीर आरोप

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा है कि मेरे 34-35 साल के कुर्बानी का सिला पार्टी नेतृत्व की ओर से दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंने मिशन के लिए खास तौर से कई बार कुर्बानी दी। उन्होंने बताया कि 1996 में जब यूपी विधानसभा के चुनाव हो रहे थे मायावती खुद विधानसभा चुनाव में उतरी थी, उस चुनाव में मायावती ने मुझे अपना चुनाव प्रभारी बनाया था। चुनाव के दौरान मेरी बड़ी बेटी गंभीर रुप से बीमार हो गई। मायावती ने मुझे जाने नहीं दिया।

'मेरी कुर्बानियों का सिला मेरे और मेरे बेटे का निष्कासन है'

'मेरी कुर्बानियों का सिला मेरे और मेरे बेटे का निष्कासन है'

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि बेटी की बीमारी के समय मेरी पत्नी ने मुझे बुलाया लेकिन मायावती जी ने कहा कि तुम ही मेरे चुनाव प्रभारी हो, इस वक्त में तुम्हारे जाने का मतलब मेरा चुनाव हारना है। आखिर में मैं बेटी के पास नहीं जा सका, जिसका हश्र ये हुआ कि मेरी बेटी की इलाज के अभाव में बांदा में मौत हो गई। इतना ही नहीं उसके अंतिम संस्कार में भी मैं नहीं जा सका। मेरी कुर्बानियों का सिला मेरे और मेरे बेटे का निष्कासन है।

बीएसपी ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी से किया है निष्कासित

बीएसपी ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी से किया है निष्कासित

इस पत्र में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि 2009 के लोकसभा चुनाव, 2012 के विधानसभा चुनाव, 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी सुप्रीमो मायावती की गलत नीतियों के चलते बहुजन समाज पार्टी की हार हुई। इस फैसले के बाद उन्होंने मुसलमानों पर झूठे और गलत आरोप लगाए। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती, आनंद कुमार और सतीश चंद्र मिश्रा पर निशाना साधा है।

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