अचानक जागा मेरठ पुलिस-प्रशासन, कई बूचड़खाने सील
बुधवार को मेरठ पुलिस-प्रशासन ने कई बूचड़खानों पर छापेमारी की। लगभग आधा दर्जन मीट फैक्ट्रियों को सील कर दिया। बाकी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ। उत्तर प्रदेश में मेरठ प्रशासन ने भी अब भाजपा के संकल्प पत्र के मुताबिक काम करना शुरू कर दिया है। योगी आदित्यनाथ का राज कायम होते ही बूचड़खानों पर आफत टूट पड़ी है। कानपुर, अलीगढ़ समेत कई जिलों के बाद बुधवार को मेरठ में भी प्रशासन को बूचड़खानों पर कार्रवाई की याद आ गई।

पूरे दल-बल के साथ मेरठ प्रशासन और पुलिस ने बूचड़खानों पर छापेमारी की जिसमें अब तक आधा दर्जन मीट फैक्ट्रियों को सील किया गया है जबकि एक दर्जन फैक्ट्रियों पर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। दरअसल मेरठ के थाना खरखौदा के हापुड़ रोड पर कई मीट फैक्ट्रियां है जिस में वैध भी हैं और अवैध भी।
बुधवार को मेरठ पुलिस-प्रशासन की टीम ने फैक्टरियों पर छापा डाला तो वहां बहुत सारी कमियां पाई गई। प्रशासन ने इस पर कारवाई कर डाली। मौके से सैम्पल लेकर जांच के लिए भेज दिए। वहीं शुरुआती जांच के बाद अभी तक कई फैक्ट्रियों को सील किया गया है।
ये छापेमारी अभी जारी रहेगी लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर क्या मजबूरियां थीं कि मेरठ प्रशासन को अब तक ये अवैध बूचड़खाने नजर नहीं आ रहे थे। वहीं दूसरी ओर जिन फैक्ट्रियों में छापेमारी की गयी उनमें बसपा नेता शाहिद अख़लाक़ के दो भाइयो की भी हैं। बसपा नेता का कहना है कि छापेमारी की जाये लेकिन किसी को बेवजह परेशान न किया जाये।












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