500 रुपए की दिहाड़ी पर प्रिंसिपल ने रखे थे गुर्गे, स्कूल के अंदर से ही चलाता था नकल का कारोबार
जो प्रधानाचार्य पकड़ा गया है वो अपने मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र का फोटो खींचकर उसे बाहर भेज देता था और जो बाहर बैठे इस गंग के सदस्य होते थे वो इन उत्तर पुस्तिकाओं पर उसे सोल्व करके अन्दर भेज देते थे।
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद चल रही बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए पलिस-प्रशासन लगा हुआ है। इसी क्रम में नकल की सूचना के बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पलिस के साथ थाना पाकबड़ा इलाके के एक इंटर कॉलेज पर छापा मारा। जिसमें नकल माफिया गिरोह के कई शातिर हत्थे चढ़े हैं।

दरअसल इंटर के एक पेपर के दौरान पलिस ने इस कॉलेज के बाहर से कुछ लोगों को गरफ्तार कर लिया जो पूरा एक गंग बनाकर अंजक छात्रों को नकल करा रहे थे। उनके पास से परीक्षा की उत्तर पुस्तिका बरामद हुई जिन पर प्रश्नपत्र के उत्तर लिखे हुए थे। इस पूरे मामले में कॉलेज के प्रधानाचार्य और परीक्षा प्रभारी सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है वहीं स्कूल प्रबंधक फरार हो गया है।
मुरादाबाद के थाना पाकबड़ा में इन नकल माफियाओं को जेएम इंटर कॉलेज के बाहर से पकड़ा गया है। बता दें कि इनके पास से 6 उत्तर पुस्तिका बरामद की गई हैं। पकड़े गए इन लोगों में एक उस छात्र का पिता भी है जो उसी स्कूल में पेपर दे रहा था। इस गिरोह को बकायदा पर डे मजदूरी दी जाती है। इस गिरोह में काम करने वाले ऐसे भी सदस्य हैं जिन्हें प्रतिदिन नकल कराने के लिए 500 रुपए दिए जाते हैं। इस काम के लिए बाकायदा कॉलेज के प्रबंधक जितेंद्र ही उन्हें ये रकम देते थे।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक पहले तो ऊपर का कवर हटाकर उत्तर पुस्तिका बाहर भेज दी जाती थी जिस पर छात्र का पूरा विवरण होता है। जो प्रधानाचार्य पकड़ा गया है वो अपने मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र का फोटो खींचकर उसे बाहर भेज देता था और जो बाहर बैठे इस गंग के सदस्य होते थे वो इन उत्तर पुस्तिकाओं पर उसे सोल्व करके अन्दर भेज देते थे।
फिलहाल ये पूरा गैंग हत्थे चढ़ गया है जो यहां काफी समय से सक्रिय था। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने कैमरे के सामने ये सभी बातें कबूल ली हैं की इससे पहले भी वो कई परीक्षाओं में इस तरह से नकल करा चुके हैं। इस मामले में मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक ने पूरी जानकारी देते हुए बताया की उनके द्वारा आरोपियों के खिलाफ नकल निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करा दिया गया है और केंद्र सरकार से ये परीक्षा दोबारा करने की संस्तुति उनके द्वारा की जा रही है।












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