मो. शमी हत्याकांड में इस्तेमाल बाइक समेत हत्थे चढ़ा पिस्टल सप्लायर
पुलिस ने प्रतापगढ़ के पृथ्वीगंज से पिस्टल मुहैया कराने वाले सप्लायर को दबोचा तो हत्या के तार नामजद आरोपी जाबिर से जुड़े मिले। अब पुलिस की सारी टीमों की निगाह पर जाबिर है।
इलाहाबाद। सूबे में बहुचर्चित हो चुके हिस्ट्रीशीटर और पूर्व ब्लॉक प्रमुख मो. शमी की हत्या में आधी कहानी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने उस हथियार सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है जिसने शमी की हत्या का लिए पिस्टल उपलब्ध कराई थी। पूछताछ में सप्लायर ने पिस्टल लेने वाले की जानकारी समेत कई राज उगले हैं। जबकि पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुई मोटर साइकिल भी नहर के अंदर से बरामद कर ली है, जिसे बदमाशों ने ठिकाने लगाने के लिए नहर में फेंक दिया था। शमी के गांव पहुंची पुलिस ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों से दो दिनों की मोहलत मांगी है।

जाबिर उगलेगा सारे राज
पुलिस ने प्रतापगढ़ के पृथ्वीगंज से पिस्टल मुहैया कराने वाले सप्लायर को दबोचा तो हत्या के तार नामजद आरोपी जाबिर से जुड़े मिले। अब पुलिस की सारी टीमों की निगाह पर जाबिर है क्योकि उसकी गिरफ्तारी होते ही सारे राज खुल जाएंगे। मालूम हो कि 6 महीने पहले जाबिर को अवैध असलहा के साथ पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया था। तब जाबिर ने इसे शमी का खेल मानते हुए तनातनी कर ली थी। शमी के विरोधियों ने इसका फायदा उठाकर जाबिर की मदद की और इसी बीच शमी की हत्या कर दी गई।

बाइक भी बरामद
घटनास्थल से कुछ दूर शारदा सहायक नहर में वो बाइक भी मिल गई जिसे शूटरों ने इस्तेमाल के बाद ठिकाने लगाने के लिए नहर में फेक दिया था। स्थानीय लोगों की मदद से पैशन-प्रो बाइक बाहर निकाली है। बाइक पर इलाहाबाद का नंबर है और डिटेल खंगाला जा रहा है। सभी थानों से बाइक के संबंध में रिकॉर्ड तलब किया गया है।
सीडीआर डिटेल पर नजर
पुलिस ने जाबिर के मोबाइल नंबर की सीडीआर डिटेल भी निकलवा ली है। जिसकी मदद से बातचीत के लिंक जोड़े जा रहे हैं। सीडीआर में पता चला कि जाबिर और उसके रिश्तेदार के बीच काफी बातचीत हुई थी। जाबिर के रिश्तेदार की तलाश में पुलिस देर रात तक दबिश देती रही।

रेलवे लाइन की ओर भागे थे शूटर
पुलिस अफसर ने बताया कि शमी को गोलियों से भूनने के बाद शूटर कच्चे रास्ता से सीधे रेलवे लाइन तक भागे। वहां उन्होंने बाइक खड़ी की थी। बाइक से वो मेन रोड पर पहुंचे और बाइक नहर में फेंक कर वहां मौजूद दूसरे वाहन व साथी के साथ भाग निकले। मालूम हो कि शमी की मऊआइमा में गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। मामले में भाजपा नेता का नाम आने पर सीएम योगी ने कार्रवाई का आदेश दिया था। जबकि सपा चीफ अखिलेश यादव ने भी शमी के बेटे से बातचीत कर मदद को कहा था। मामला हाईप्रोफाइल हो जाने के बाद से एसपी गंगापार मुन्ना लाल और सीओ सोरांव आलोक मिश्र मऊआइमा में ही कैंप कर रहे हैं। बाइक और सप्लायर के तौर पर अहम सुराग मिलने के बाद एसएसपी शलभ माथुर भी मऊआइमा पहुंच गए हैं।












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