UP Nikay Chunav में 96 लाख बढ़े हुए मतदाता निभाएंगे अहम भूमिका, तैयारियों में जुटा निर्वाचन आयोग
उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इस बार चुनाव में करीब एक करोउ़ मतदाताओं की वृद्धि हुई है। ये मतदाता इस बार चुनाव में काफी अहम भूमिका निभाएंगे।

Uttar Pradesh State Election Commission: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव की तैयारियों ने अब जोर पकड़ लिया है। सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद यूपी सरकार ने नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी थी जिसके बाद अब निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। हालांकि सूत्रों की माने तो अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बाद चुनाव हो सकता है। इस बीच आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने में जुटा हुआ है। अधिकारियों की माने तो इस बार करीब 96 लाख मतदाताओं का नाम जुड़ा है जो मतदान में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक पार्टियां भी अपनी तैयारियों में जुट गई हैं।
इस बार 96 लाख मतदाता बढ़े
उत्तर प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने 96 लाख से अधिक मतदाताओं को जोड़ते हुए आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदाता सूची को अपडेट किया है। राज्य चुनाव आयुक्त मनोज कुमार ने कहा कि आगामी चुनावों में 4.32 करोड़ लोग मतदान करने के योग्य हैं। 2017 में पिछले चुनावों के दौरान मतदाताओं की संख्या 3.35 करोड़ थी।
नगरपालिका की सीमाओं की विस्तार की वजह से बढ़े वोटर
उन्होंने कहा कि , 96,36,280 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की संख्या में वृद्धि मुख्य रूप से नगर निगमों और नगर पालिका परिषदों की सीमा के विस्तार के कारण हुई है। नई नगर पंचायतों के गठन के कारण, कई ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सीमा में भी शामिल किया गया है।
21 लाख ग्रामीण मतदाता बने शहरी मतदाता
अधिकारियों की माने तो 21.23 लाख मतदाताओं को ग्रामीण से शहरी क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार 4.33 लाख से अधिक पहली बार मतदाता होंगे। ये मतदाता 1 जनवरी, 2023 तक 18 वर्ष के हो गए हैं। शहरी स्थानीय निकाय चुनाव जल्द ही होने की उम्मीद है, लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
यूपी में निकाय चुनाव को लेकर माहौल गरम
उत्तर प्रदेश में अब निकाय चुनाव को लेकर माहौल गरमाने लगा है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी मिलने के बाद बुधवार को हुई कैबिनेट में ओबसी रिजर्वेशन को लेकर अध्यादेश को मंजूरी दे दी थी। हालांकि सरकार में बैठे सूत्रों की माने तो अप्रैल के दूसरे सप्ताह के अंत तक नगर निगम चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा होने की संभावना है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के साथ निकाय चुनाव कराने को हरी झंडी दे दी।
ओबीसी आरक्षण को लेकर हुआ था आयोग का गठन
सरकार के नोटिफिकेशन को दी गई थी चुनौती फाइनल नोटिफिकेशन जारी होने से पहले इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। ओबीसी के लिए सीटों के आरक्षण के बिना चुनाव कराने के उच्च न्यायालय के फैसले के बाद, राज्य सरकार ने ओबीसी के लिए एक आयोग का गठन किया था। आयोग का काम ओबीसी के लिए आरक्षित होने वाली सीटों की पहचान करना था।












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