Lakhimpur Kheri:सुमित जायसवाल समेत 4 और आरोपी गिरफ्तार, SWAT team ने पकड़ा

लखीमपुर खीरी, 18 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सुमित अग्रवाल नाम का आरोपी भी है, जिसे एक कथित वीडियो में घटना के बाद जीप से उतरकर भागते हुए देखा गया था। इसके अलावा लखीमपुर खीरी पुलिस और क्राइम ब्रांच की एसडब्ल्यूएटी (स्वाट) टीम ने शिशुपाल, नंदन सिंह बिष्ट और सत्य प्रकाश त्रिपाठी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सत्य प्रकाश त्रिपाठी के पास से लाइसेंसी रिवॉल्वर और तीन बुलेट भी बरामद किए हैं और उसे जब्त कर लिया है।

Four accused including Sumit Jaiswal arrested in Lakhimpur Kheri violence case, SIT is interrogating

लखीमपुर हिंसा में चार और आरोपी गिरफ्तार
लखीमपुर खीरी पुलिस और क्राम ब्रांच ने चारों आरोपियों को आईपीसी की धारा 147/148/149/279/338/304ए/302 और 120बी के तहत पकड़ा है। इन आरोपियों में सुमित जायसवाल लखीमपुर खीरी के ही अयोध्यापुरी का रहने वाला है, शिशुपाल भी खीरी के तिकुनिया थाना इलाके का है, नंदन सिंह बिष्ट थाना गाजीपुर, लखनऊ का और चौथा अभियुक्त सत्य प्रकाश त्रिपाठी उर्फ सत्यम करारी थाना, जिला कौशाम्बी का रहने वाला है। फिलहाल एसआईटी के अधिकारी इन चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रहे हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

पहले गिरफ्तार चार आरोपी न्यायिक हिरासत में
इससे पहले इस कांड के बाकी आरोपियों अंकित दास, लतीफ और ड्राइवर शेखर को पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा आशीष मिश्रा पहले से ही जेल में है। जानकारी के मुताबिक जेलर ने कहा है कि फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेजे गए चारों आरोपियों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि जिस एसयूवी से प्रदर्शनकारियों को कुचला गया, उसमें मंत्री का बेटा आशीष मौजूद था और इसलिए वह अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं और इसको लेकर सोमवार को रेल रोको आंदोलन भी किया है।

केंद्रीय मंत्री ने हिंसा के लिए लोकल पुलिस को जिम्मेदार बताया

उधर केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी ने इस हिंसा के लिए स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें कुल 8 लोगों की हत्या हो गई थी। टेनी ने यह आरोप रविवार को इस घटना में मारे गए तीन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान लगाया, जो सिंघा खुर्द गांव में आयोजित की गई थी। केंद्रीय मंत्री ने 3 अक्टूबर की घटना के बारे में बताया कि भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं में से एक श्याम सुंदर निषाद जिंदा था और एंबुलेंस तक पहुंच भी गया था, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में उसे खींच लिया गया और उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि खुफिया सूचनाओं के बावजूद पुलिस ने उस इलाके की ठीक से रेकी नहीं की थी और रास्ते की बैरिकेडिंग भी नहीं की थी।

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