रायबरेली: एक गांव में महीने भर में कोरोना जैसे लक्षण से हुई 17 लोगों की मौत, दहशत का माहौल
रायबरेली, मई 13: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाको में कोरोना महामारी कहर बनकर टूट रही है। प्रदेश के कई गांवों में पिछले तीन सप्ताह से मौत का सिलसिला चल रहा है। रायबरेली जिले के सुल्तानपुर खेड़ा गांव में भी संक्रमण फैला हुआ है और अबतक यहां 18 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में दहशत का माहौल है और लोग डर के साये में जी रहे हैं। सरकार ने इसे कन्टेनमेंट जोन बना दिया है, यहां एक महीने में 18 लोगों की मौत हो गई है।

रायबरेली के छोटे से गांव सुल्तानपुर खेड़ा, जिसकी आबादी 2000 लोगों की है, यहां लगभग 500 परिवार रहते हैं। बीते कुछ दिनों से हर तरफ मौत का मंजर दिखाई दे रहा है। गांव में 18 में से 17 लोग ऐसे थे जिनकी मौत कोरोना के लक्षण आने के बाद हुई। गांव में कोरोना लक्षण जैसे जुकाम और बुखार से इंफेक्शन की शुरुआत होती है और सांस लेने में तकलीफ के बाद मौत हो जाती है। गांव में दहशत का माहौल है।
इंडियन एक्सप्रेस ने उनमें से 11 परिवारों से बात की और मौत से पहले बुखार, खांसी, सर्दी, सिरदर्द और सांस फूलने जैसे लक्षणों की उपस्थिति की पुष्टि की। गांव के रहने वाले एक शख्स दिनेश सिंह ने कहा "कई दिनों तक हमें लगा यह सामान्य सर्दी और खांसी है। जब लोग मरने लगे तो हम घबरा गए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि 17 मौतों में से 15 का कोविड टेस्ट नहीं किया गया था और ना ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जिसके चलते अप्रैल के महीने के आधिकारिक आंकड़ों में मरने वालों की संख्या सिर्फ दो ही दिखाई जा रही है। दिनेश सिंह ने कहा जो अठारहवीं मौत हुई है, वह एक युवती की थी। उसे जन्मजात हृदय की बीमारी थी। उसे कोरोना नहीं हुआ था।
बिना टेस्ट के मरने वाले 15 लोगों में राम समुजीवन साहू भी थे, जो एक चाट स्टाल चलाते थे। साहू के बेटे गणेश ने बताया कि, उन्हें केवल तीन दिन सर्दी जुकाम हुआ। उन्होंने पास के एक डॉक्टर से दवाएं ले ली, फिर फिर उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। हम ऑक्सीजन की तलाश करने लगे। इसी बीच 27 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। गांव के निवासियों का कहना है कि गांव ने एक महीने पहले तक कभी 18 मौतें नहीं देखीं थी।
दिनेश सिंह ने कहा, हमारे जैसे छोटे गांव में, शायद कभी एक या दो मौत होती थी। कई महीने ऐसे भी होते हैं जब कोई नहीं खत्म होता। गांव में जब कोई मर जाता है, तो सभी को पता लगता हैं। रायबरेली मुख्य रूप से भारत के सबसे अधिक आबादी वाले ग्रामीण जिलों में से एक है, जो दूसरी कोविड लहर से प्रभावित हुआ है।












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